तिरुनेलवेली, तमिलनाडु।
20 अगस्त 2026 को तिरुनेलवेली की POCSO स्पेशल कोर्ट ने ईसाई प्रार्थना सभा चलाने वाले एस. अब्राहम को चार नाबालिग लड़कियों (8, 12, 12 और 13 साल) के यौन शोषण के मामले में चार बार मौत की सज़ा सुना दी। कोर्ट ने उस पर ₹52,000 का जुर्माना भी लगाया और सरकार को हर पीड़िता को ₹10 लाख मुआवज़ा देने का आदेश दिया।
अब्राहम मेला इलांथैकुलम (थेवरकुलम के पास) में प्रार्थना सभा/चर्च चलाता था । अभियोजन के अनुसार, इस दरिंदे पादरी ने बाइबिल, नैतिक शिक्षा, संगीत और भजन सिखाने के बहाने लड़कियों को अपने पास बुलाया और उनका यौन शोषण किया। अपराध 2020 के कोविड लॉकडाउन काल से शुरू होकर 2022 तक चला। लड़कियों को धमकी दी गई थी कि माता-पिता को बताने पर उन्हें नुकसान पहुँचाया जाएगा।
मामला 2022 में तब सामने आया जब एक 8 साल की लड़की ने प्राइवेट पार्ट्स में दर्द की शिकायत की। अस्पताल में जाँच के बाद यौन शोषण का पता चला। इसके बाद उसी विस्तारित परिवार की तीन अन्य लड़कियों ने भी बताया कि अब्राहम ने उनके साथ भी वैसा ही व्यवहार किया था। जुलाई 2022 में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। 2026 में पुलिस की ‘केस ऑफिसर’ स्कीम के बाद ट्रायल तेज़ हुआ और जज के. सुरेश कुमार ने चारों मामलों में दोष सिद्ध मानते हुए “rarest of rare” श्रेणी में चार अलग-अलग मौत की सज़ाएँ सुनाईं।
कोर्ट ने साफ कहा कि आरोपी ने उन बच्चों पर हमला किया जिनका मार्गदर्शन करने का दावा वह करता था, और उसमें कोई वास्तविक पश्चाताप नहीं दिखा।
यह मामला एक बार फिर उन लोगों की पोल खोलता है जो पादरी के वेश में बच्चों का शिकार करते हैं। सफेद लिबास और बाईबल के पीछे छिपकर नाबालिगों का शोषण करने वाले ऐसे अपराधी न तो धर्म के प्रतिनिधि हैं और न ही कोई आध्यात्मिक गुरू। वे महज़ शिकारी और पेडोफाइल हैं, जो विश्वास का फायदा उठाकर अपराध करते हैं। कोर्ट का फैसला ऐसे अपराधियों के लिए कड़ी चेतावनी है।
केरल और तमिलनाडु में पादरियों के द्वारा किया गया कुकर्म के कुछ प्रमुख उदाहरण:
2014: केरल में फादर राजू कोक्कन (9 साल की लड़की के साथ बलात्कार का आरोप)।
2017: केरल में मैथ्यू वडक्कनचेरिल (15 साल की लड़की के साथ बलात्कार; बाद में 20 साल की सज़ा)।
2018: बिशप फ्रैंको मुलाक्कल (नन के साथ बलात्कार का आरोप; वयस्क पीड़िता)।
अन्य कई पादरियों पर POCSO या संबंधित धाराओं में आरोप लगे (केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र आदि में)।
