**पटना, 14 मई:**
बिहार में साइबर ठगों ने अब जनप्रतिनिधियों के मोबाइल नंबरों का दुरुपयोग कर उनके परिचितों और करीबी लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। 14 मई को बड़े पैमाने पर कई लोगों के मोबाइल पर फर्जी UPI हेल्प रिक्वेस्ट भेजे जाने का मामला सामने आया।
जानकारी के अनुसार, यह रिक्वेस्ट पूर्व विधायक राजनगर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रामप्रीत पासवान के मोबाइल नंबर से उनके जानने वालों को भेजी गई। इसी क्रम में “मेट्रो वार्ता” के पत्रकार प्रदीप सिंह के मोबाइल पर भी ₹28,000 की UPI हेल्प रिक्वेस्ट पहुंची। रिक्वेस्ट में “सहजाद अंसारी” नाम और मोबाइल नंबर **7544021752** दिखाई दे रहा था।
इस घटना के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि साइबर अपराधियों ने किसी तरह पूर्व विधायक के मोबाइल या संपर्क सूची का दुरुपयोग कर उनके परिचितों को ठगी का शिकार बनाने की कोशिश की। हालांकि समय रहते लोगों ने सतर्कता दिखाई, जिससे कोई बड़ी आर्थिक क्षति नहीं हुई।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल अपराधी किसी परिचित व्यक्ति के नाम या नंबर का इस्तेमाल कर भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं। UPI “Collect Request” या “Help Request” भेजकर लोगों से PIN डलवाया जाता है, जिससे खाते से रकम निकल जाती है।
इस घटना ने एक बार फिर बिहार में बढ़ते साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध UPI रिक्वेस्ट को स्वीकार करने से पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे पुष्टि जरूर करें।
