जयपुर, 12 मई 2026 । अंतरराष्ट्रीय मदर्स डे के पावन अवसर पर अलख फाउंडेशन एंड वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित “जननी जयती सम्मान समारोह 2026 संस्कारों से शिखर तक” का भव्य, गरिमामयी एवं प्रेरणादायी आयोजन जयपुर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान आर.ए. पोदार इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के सभागार में संपन्न हुआ। मातृशक्ति को समर्पित इस विशेष समारोह में उन प्रेरणादायी माताओं एवं महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने त्याग, संघर्ष, संस्कार, समर्पण और अटूट प्रेम से न केवल अपने परिवार, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अमूल्य योगदान दिया है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री मदन राठौड़ उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथियों के रूप में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री नवीन महाजन, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री नवीन जैन, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री रवि जैन, प्रख्यात रेडियोलॉजिस्ट एवं वॉटरकलर आर्टिस्ट डॉ. सुषमा महाजन, आर.ए. पोदार इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. अनुराग शर्मा तथा अलख फाउंडेशन एंड वेलफेयर सोसायटी की संस्थापक एवं अध्यक्षा श्रीमती रानू पाराशर मंचासीन रहे।
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम का वातावरण भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों, मातृत्व की गरिमा और सामाजिक संवेदनाओं से ओत-प्रोत दिखाई दिया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि माँ केवल परिवार की आधारशिला नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की नैतिक शक्ति है, जो अपने संस्कारों, समर्पण और संघर्ष से आने वाली पीढ़ियों को दिशा देती है।

अपने उद्बोधन में श्री मदन राठौड़ ने कहा कि आज के दौर में समाज को सबसे अधिक आवश्यकता संस्कारों, संवेदनशीलता और पारिवारिक मूल्यों की है, और इन सभी मूल्यों की सबसे बड़ी वाहक माताएँ हैं। उन्होंने कहा कि जिस समाज में मातृशक्ति का सम्मान होता है, वही समाज प्रगतिशील, संस्कारित और आत्मनिर्भर बनता है। उन्होंने उन संघर्षशील माताओं को विशेष रूप से नमन किया जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने बच्चों को शिक्षित, संस्कारित और आत्मनिर्भर बनाया।

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री नवीन महाजन ने अपने संबोधन में कहा कि संस्कार ही किसी व्यक्ति को शिखर तक पहुँचाने की वास्तविक शक्ति होते हैं और इन संस्कारों की पहली पाठशाला माँ होती है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति राष्ट्र की सामाजिक और नैतिक नींव को मजबूत करने का कार्य करती है।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री नवीन जैन ने कहा कि किसी भी सफल व्यक्ति के जीवन में उसकी माँ की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि माताएँ केवल बच्चों का पालन-पोषण नहीं करतीं, बल्कि उनमें अनुशासन, संस्कार और जीवन के मूल्यों का निर्माण करती हैं।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री रवि जैन ने कहा कि आधुनिकता और तेज़ रफ्तार जीवनशैली के इस दौर में यदि भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्य सुरक्षित हैं, तो इसका सबसे बड़ा श्रेय मातृशक्ति को जाता है। उन्होंने कहा कि माँ ही बच्चों के भीतर संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और आत्मविश्वास का संचार करती है।
प्रख्यात रेडियोलॉजिस्ट एवं कलाकार डॉ. सुषमा महाजन ने कहा कि माँ का प्रेम निस्वार्थ, असीम और जीवनदायी होता है। उन्होंने कहा कि हर माँ अपने परिवार के लिए प्रेरणा, सुरक्षा और विश्वास का सबसे मजबूत आधार होती है।
आर.ए. पोदार इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. अनुराग शर्मा ने कहा कि “संस्कारों से शिखर तक” केवल एक विषय नहीं, बल्कि भारतीय जीवन दर्शन का वास्तविक स्वरूप है। उन्होंने कहा कि सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचने के लिए मजबूत संस्कार सबसे महत्वपूर्ण आधार होते हैं और इन संस्कारों का बीजारोपण माँ ही करती है।
कार्यक्रम की आयोजक एवं अलख फाउंडेशन एंड वेलफेयर सोसायटी की संस्थापक-अध्यक्षा श्रीमती रानू पाराशर ने भावुक शब्दों में कहा कि “जननी जयती सम्मान समारोह” यह एक साधारण आयोजन नहीं, बल्कि मातृशक्ति को समर्पित एक सामाजिक अभियान है। उन्होंने कहा कि हर सफल व्यक्ति के पीछे उसकी माँ का त्याग, संघर्ष और आशीर्वाद छिपा होता है तथा मातृशक्ति का सम्मान वास्तव में भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों का सम्मान है।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक सेवा, खेल, रक्षा सेवाओं तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के पालन-पोषण जैसे क्षेत्रों से जुड़ी प्रेरणादायी माताओं एवं महिलाओं को सम्मानित किया गया। उनकी संघर्षपूर्ण एवं प्रेरक जीवन यात्राओं को मंच से साझा किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावुक करने के साथ-साथ समाज के प्रति नई सकारात्मक सोच भी प्रदान की।
समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, नृत्य, काव्य पाठ एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। प्रतिभागियों ने कला और अभिव्यक्ति के माध्यम से मातृत्व के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को समारोह के दौरान विशेष रूप से सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक कला एवं अभिव्यक्ति के माध्यम से मातृत्व, संस्कार और भारतीय संस्कृति के प्रति गहरी संवेदनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
समारोह में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएँ, शिक्षाविद, युवा एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में संस्कारों से शिखर तक की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई, जहाँ मजबूत संस्कारों को असाधारण उपलब्धियों की नींव के रूप में प्रस्तुत किया गया। यह आयोजन मातृशक्ति के सम्मान, सामाजिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायी एवं ऐतिहासिक पहल बनकर उभरा।
