सिहोर में दलहन आत्मनिर्भरता पर राष्ट्रीय परामर्श, शिवराज सिंह चौहान करेंगे नई दलहन क्रांति का आग़ाज़
नई दिल्ली, 05 फरवरी 2026| देश को दालों में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए शनिवार, 7 फरवरी 2026 को मध्य प्रदेश के सिहोर जिले के आमला स्थित फूड लेग्यूम रिसर्च प्लेटफ़ॉर्म (FLRP) में दलहन आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय मिशन पर राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति बैठक का आयोजन किया जाएगा। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan करेंगे। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav सहित दलहन उत्पादक राज्यों के कृषि मंत्री भाग लेंगे।
FLRP से दलहन क्रांति की नई शुरुआत
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा Indian Council of Agricultural Research और ICARDA के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम दालों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखने जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत पौधारोपण से होगी, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान सिहोर के खेतों में उन्नत तकनीकों और दलहन की नई किस्मों का अवलोकन करेंगे तथा किसानों से सीधा संवाद करेंगे।
अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और किसान प्रशिक्षण केंद्र का लोकार्पण
इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में FLRP परिसर में प्रशासनिक भवन, किसान प्रशिक्षण केंद्र और पादप जीनोमिक्स, ऊतक संवर्धन, प्रजनन एवं रोग विज्ञान से जुड़ी अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का लोकार्पण करेंगे। साथ ही, दलहन के उन्नत बीज, तकनीक और उत्पादों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया जाएगा।
‘पल्सेस मिशन पोर्टल’ लॉन्च, किसानों को उन्नत बीज वितरण
राष्ट्रीय परामर्श के दौरान “पल्सेस मिशन पोर्टल” का शुभारंभ किया जाएगा और प्रगतिशील किसानों को दलहन की उन्नत किस्मों के बीजों का प्रतीकात्मक वितरण किया जाएगा। यह पहल बीज प्रणाली को सुदृढ़ करने, उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
MSP, वैल्यू चेन और किसानों की आय पर केंद्रित रणनीति
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान इस राष्ट्रीय संवाद में दालों के उत्पादन, MSP, बीज प्रणाली, वैल्यू चेन सशक्तिकरण और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़ी सरकार की रणनीति पर विस्तार से संबोधन देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी राज्य के अनुभव और नवाचार साझा करेंगे।
राज्यों, वैज्ञानिकों और उद्योग का साझा मंच
इस राष्ट्रीय परामर्श में ओडिशा, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित कई राज्यों के कृषि मंत्री शामिल होंगे, जबकि पश्चिम बंगाल के कृषि मंत्री वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे।ICAR और ICARDA के शीर्ष वैज्ञानिक, NAFED-NCCF, राष्ट्रीय बीज निगम, FPOs, सहकारी संस्थाएँ, बीज व प्रसंस्करण उद्योग तथा प्लांट-बेस्ड फूड सेक्टर के प्रतिनिधि एक मंच पर बैठकर बीज उत्पादन, रोग प्रबंधन, मशीनीकरण, वैल्यू एडिशन और बाज़ार से जुड़ाव पर ठोस रणनीति तैयार करेंगे।
दालों में आत्मनिर्भर भारत का संकल्प
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य है कि भारत दालों में पूर्ण आत्मनिर्भर बने, आयात पर निर्भरता घटे और किसानों को बेहतर उपज के साथ उचित मूल्य मिले। तूर, उड़द और मसूर जैसी प्रमुख दलहनी फसलों पर केंद्रित यह परामर्श खेत से थाली तक पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करेगा।
सहयोगी संघवाद और भविष्य की कार्ययोजना
यह राष्ट्रीय परामर्श केंद्र और राज्यों के बीच सहयोगी संघवाद को मजबूती देगा और विभिन्न हितधारकों के अनुभवों के आधार पर एक स्पष्ट, समयबद्ध और क्रियान्वयन योग्य कार्ययोजना तैयार करने में सहायक होगा। इससे किसानों की आय बढ़ाने, पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने और दलहन आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय मिशन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
