सीतामढ़ी जिले के मेजरगंज प्रखंड अंतर्गत डुमरी कला गांव निवासी छात्र निशांत कुमार के साथ हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना ने उसके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए थे। गंभीर रूप से घायल होने के कारण डॉक्टरों ने उसे 12वीं की परीक्षा देने से मना कर दिया था। ऐसे में छात्र का एक पूरा शैक्षणिक वर्ष बर्बाद होने की आशंका थी।
मामले की जानकारी मिलते ही सीतामढ़ी के माननीय सांसद देवेश चंद्र ठाकुर जी ने इसे केवल एक प्रशासनिक विषय न मानकर मानवीय दृष्टिकोण से देखा। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से समन्वय स्थापित किया और घायल छात्र को परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिलवाया।
सांसद की इस संवेदनशील पहल से न केवल छात्र और उसके परिवार को राहत मिली, बल्कि समाज में यह संदेश भी गया कि जब जनप्रतिनिधि संवेदना और जिम्मेदारी के साथ आगे आते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है।
यह घटना साबित करती है कि जनसेवा केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं होती, बल्कि सही समय पर उठाया गया एक कदम किसी के भविष्य को संवार सकता है।
