इंडो-यूएस ट्रेड डील: कृषि और डेयरी पर कोई समझौता नहीं, किसान हित पूरी तरह सुरक्षित
नई दिल्ली, 05 फरवरी 2026 | भारत-अमेरिका के बीच हुई इंडो-यूएस ट्रेड डील को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने स्पष्ट किया है कि इस समझौते में भारतीय कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में संपन्न यह समझौता भारत की डिप्लोमेसी, डेवलपमेंट और डिग्निटी का सशक्त उदाहरण है, जिसमें किसान हित सर्वोपरि रखे गए हैं।
मुख्य अनाज, मिलेट्स, फल और डेयरी उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित
दिल्ली में मीडिया से चर्चा के दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि देश के मुख्य अनाज, प्रमुख फसलें, मिलेट्स, फल और डेयरी उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित हैं। इंडो-यूएस ट्रेड डील के तहत किसी भी ऐसे कृषि क्षेत्र के लिए बाजार नहीं खोला गया है, जिससे भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचे। उन्होंने आश्वस्त किया कि कृषि और पशुपालन से जुड़े करोड़ों परिवारों की आजीविका को ध्यान में रखकर ही सभी प्रावधान तय किए गए हैं।
छोटे किसानों को लेकर सरकार ने दूर की आशंकाएं
छोटे और सीमांत किसानों पर संभावित प्रभाव को लेकर उठ रही चिंताओं पर श्री चौहान ने कहा कि भारत के बाजार में कोई बड़ी विदेशी कृषि उत्पादक लहर नहीं आने वाली। उन्होंने कहा कि इंडो-यूएस ट्रेड डील में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो भारतीय किसानों पर प्रतिस्पर्धात्मक दबाव बढ़ाए।
अमेरिकी फार्म प्रोडक्ट्स की एंट्री पर उठे सवालों के संदर्भ में उन्होंने बताया कि वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal पहले ही संसद में स्पष्ट कर चुके हैं कि किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं।
चावल, मसाले और टेक्सटाइल निर्यात को मिलेगा बड़ा लाभ
कृषि मंत्री ने बताया कि भारत पहले से ही अमेरिका सहित कई देशों को बड़े पैमाने पर चावल निर्यात करता है। हालिया आंकड़ों के अनुसार लगभग 63,000 करोड़ रुपये मूल्य का चावल निर्यात हुआ।उन्होंने कहा कि इंडो-यूएस ट्रेड डील के बाद टैरिफ में कमी आने से भारतीय चावल, मसाले और टेक्सटाइल निर्यात को नया बल मिलेगा। टेक्सटाइल निर्यात बढ़ने से कपास उत्पादक किसानों की आय में प्रत्यक्ष वृद्धि होगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
डील की विस्तृत जानकारी समय पर होगी सार्वजनिक
विपक्ष द्वारा ट्रेड डील का फाइन प्रिंट सार्वजनिक करने की मांग पर कृषि मंत्री ने कहा कि समझौते की सभी डिटेल्स समयानुसार साझा की जाएंगी। उन्होंने दोहराया कि इंडो-यूएस ट्रेड डील का मूल उद्देश्य किसान हितों की रक्षा और निर्यात अवसरों का विस्तार है।
किसान अन्नदाता, उनकी सेवा ही राष्ट्र सेवा
कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में अफवाहें फैलने से किसानों में अनावश्यक चिंता पैदा होती है, इसलिए सरकार का दायित्व है कि सच्चाई स्पष्ट करे। उन्होंने कहा,
“किसान अन्नदाता हैं, अन्नदाता यानी जीवनदाता। उनके हित सुरक्षित हैं, यही देशहित है।”उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि किसानों की सेवा सरकार के लिए भगवान की पूजा के समान है और मोदी सरकार हर कदम पर किसान के साथ खड़ी है।
