
अमेरिका पहले से ही वेनेजुएला के साथ लगभग युद्ध की स्थिति में है. वहीं अब उसने चीन के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है. इसकी वजह ताइवान को लेकर लिया गया उसका बड़ा फैसला लिया. 17 दिसंबर, 2025 को डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ताइवान के लिए करीब 11.1 अरब डॉलर के बड़े हथियार सौदे को मंजूरी दे दी. ये अब तक का ताइवान के लिए सबसे बड़ा अमेरिकी हथियार पैकेज बताया जा रहा है, वो भी ऐसे वक्त में, जब चीन के साथ अमेरिका के रिश्ते पहले ही तनाव के दौर से गुजर रहे हैं.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय और पेंटागन ने इस सौदे की घोषणा की. इसमें कुल 8 अलग-अलग हथियार और सैन्य सिस्टम समझौते शामिल हैं, जिनका मकसद ताइवान की रक्षा क्षमता को मजबूत करना है, खासकर ऐसे समय में जब चीन इस क्षेत्र में ताइवान पर दबाव बढ़ा रहा है. अमेरिका ने कहा कि यह सौदा ताइवान को अपनी सेना के आधुनिकीकरण और रक्षा स्थिति बनाए रखने में मदद करेगा. ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इस फैसले पर खुशी जाहिर की है लेकिन चीन जरूर भड़क गया होगा.
