अमरावती क्वांटम वैली का शिलान्यास, 6,000 करोड़ के नेशनल क्वांटम मिशन से भारत 1,000 क्यूबिट कंप्यूटर व 2,000 किमी क्वांटम नेटवर्क लक्ष्य की ओर।
नई दिल्ली/अमरावती, 09 फरवरी 2026 — भारत के वैज्ञानिक और तकनीकी भविष्य को नई दिशा देते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने आंध्र प्रदेश के अमरावती में अमरावती क्वांटम वैली की आधारशिला रखी और कहा कि यह केवल एक इमारत नहीं, बल्कि भारत के क्वांटम भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेशनल क्वांटम मिशन भारत को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दौड़ में अग्रणी बनाने वाला रणनीतिक कदम है।
6,000 करोड़ रुपये के नेशनल क्वांटम मिशन से भारत वैश्विक पंक्ति में
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि लगभग 6,000 करोड़ रुपये के बजट वाला नेशनल क्वांटम मिशन भारत को उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में खड़ा करता है, जिनके पास समर्पित क्वांटम कार्यक्रम है। यह मिशन 17 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 43 संस्थानों में संचालित हो रहा है और चार प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है:
-
क्वांटम कंप्यूटिंग
-
क्वांटम संचार
-
क्वांटम सेंसिंग व मेट्रोलॉजी
-
क्वांटम सामग्री व उपकरण
1,000 क्यूबिट कंप्यूटर और 2,000 किमी नेटवर्क लक्ष्य
नेशनल क्वांटम मिशन के तहत भारत ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं:
-
8 वर्षों में 1,000 फिजिकल क्यूबिट क्वांटम कंप्यूटर
-
सुरक्षित ग्राउंड-टू-ग्राउंड क्वांटम संचार
-
लंबी दूरी क्वांटम कम्युनिकेशन
-
2,000 किमी इंटर-सिटी क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क
यह उपलब्धि भारत को साइबर सुरक्षा, रक्षा और रणनीतिक संचार में वैश्विक शक्ति बना सकती है।
रक्षा और साइबर सुरक्षा में क्रांति
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि क्वांटम तकनीक पारंपरिक साइबर सुरक्षा को पूरी तरह बदल देगी। क्वांटम एन्क्रिप्शन डेटा को लगभग अभेद्य बना देगा। शत्रु देशों की क्वांटम कंप्यूटिंग क्षमताओं के बीच सुरक्षित संचार बनाए रखने के लिए यह तकनीक रणनीतिक आवश्यकता है।
स्वास्थ्य सेवा में भी बड़ा परिवर्तन
क्वांटम तकनीक स्वास्थ्य क्षेत्र में भी क्रांति लाएगी, जैसे:
-
ट्यूमर की सटीक विकिरण चिकित्सा
-
अंगों की गति के अनुसार रेडिएशन एडजस्टमेंट
-
दुष्प्रभाव रहित उपचार
-
तेज रिकवरी सिस्टम
इसके अलावा उपग्रह संचार और उन्नत सेंसर टेक्नोलॉजी भी इससे सशक्त होंगी।
अमरावती बना रणनीतिक स्प्रिंगबोर्ड
मंत्री ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि अमरावती को नेशनल क्वांटम मिशन का रणनीतिक केंद्र बनाना दूरदर्शी निर्णय है। उन्होंने “डबल इंजन सरकार” मॉडल को केंद्र-राज्य सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
उद्योग-अकादमिक-सरकार साझेदारी को बल
कार्यक्रम में कई ऐतिहासिक पहलें लॉन्च हुईं:
-
IBM-TCS क्वांटम इनोवेशन सेंटर
-
क्वांटम क्लाउड सेवाएँ
-
क्वांटम टैलेंट हब
-
SRM क्वांटम रेफरेंस फैसिलिटी
-
क्वांटम-सेफ एप्लीकेशन्स पहल
-
9 इंडस्ट्री MoUs
यह मॉडल भारत में क्वांटम इकोसिस्टम को गति देगा।
शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि भारत में क्वांटम टेक्नोलॉजी पर:
-
B.Tech माइनर कोर्स शुरू
-
M.Tech प्रोग्राम तैयारी में
-
रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार
-
स्टार्टअप एक्सेस लैब्स
IIT मद्रास के रिसर्च पार्क मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया जा रहा है।
उभरती तकनीकों में भारत नहीं करेगा देरी
उन्होंने कहा कि IT क्रांति में देर से प्रवेश करने वाला भारत अब AI, बायोटेक, स्पेस, डीप ओशन और नेशनल क्वांटम मिशन जैसे क्षेत्रों में अग्रिम पंक्ति में रहेगा। बायोफार्मा शक्ति जैसी पहलें इसी दृष्टि का हिस्सा हैं।
अमरावती से विकसित भारत की तकनीकी उड़ान
समापन में मंत्री ने कहा कि भारत की क्वांटम यात्रा अमरावती से शुरू होकर विकसित भारत की दिशा तय करेगी। केंद्र सरकार ऐसे सभी राज्यों को पूर्ण समर्थन देगी जो राष्ट्रीय मिशनों के अनुरूप नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर रहे हैं।
