यूआईडीएआई ने स्कूली बच्चों के 1 करोड़ अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट पूरे किए
नई दिल्ली, 09 फरवरी 2026 — भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने मिशन मोड में चलाए गए राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत स्कूली बच्चों के 1 करोड़ से अधिक अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) सफलतापूर्वक पूरे कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह विशेष अभियान सितंबर 2025 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य 5 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के आधार डाटाबेस को बायोमेट्रिक रूप से अद्यतन करना था, ताकि उन्हें भविष्य में सरकारी सेवाओं और परीक्षाओं में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
83,000 स्कूलों में लगे एमबीयू शिविर
यूआईडीएआई के क्षेत्रीय कार्यालयों और राज्यों के शिक्षा विभागों ने संयुक्त रूप से कार्य करते हुए मात्र पाँच महीनों में देशभर के 83,000 विद्यालयों में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) शिविर आयोजित किए। यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस (UDISE+) के साथ तकनीकी एकीकरण के बाद यह पहचानना आसान हुआ कि किन बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट लंबित है। इसके बाद लक्षित शिविर लगाकर बड़े पैमाने पर अपडेट पूरे किए गए।
सीईओ भुवनेश कुमार ने राज्यों से मांगा सहयोग
यूआईडीएआई के सीईओ श्री भुवनेश कुमार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इस अभियान में सहयोग का अनुरोध किया था। जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, यूआईडीएआई रजिस्ट्रार और विद्यालय प्रबंधन के बीच समन्वय स्थापित कर मिशन मोड में यह अभियान चलाया गया। देशभर में स्थित यूआईडीएआई के आठ क्षेत्रीय कार्यालयों ने इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
क्यों जरूरी है अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU)
पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों के आधार पंजीकरण के समय केवल फोटो और जनसांख्यिकीय विवरण लिए जाते हैं, क्योंकि उस आयु में फिंगरप्रिंट और आइरिस पूर्ण विकसित नहीं होते। इसलिए 5 से 15 वर्ष आयु पार करने के बाद अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) कराना आवश्यक होता है।
एमबीयू न होने पर बच्चों को निम्न समस्याएँ आ सकती हैं:
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सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई
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छात्रवृत्ति व DBT अटकना
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NEET, JEE, CUET जैसी परीक्षाओं में प्रमाणीकरण समस्या
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विश्वविद्यालय प्रवेश में बाधा
7–15 आयु वर्ग के लिए शुल्क माफ
बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए यूआईडीएआई ने 7 से 15 वर्ष आयु वर्ग के लिए 1 अक्टूबर 2025 से एक वर्ष तक एमबीयू निःशुल्क कर दिया है। वहीं 5–7 वर्ष और 15–17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए यह सेवा पहले से ही मुफ्त उपलब्ध है।
नामांकन केंद्रों पर भी बड़ी भागीदारी
स्कूल शिविरों के अतिरिक्त देशभर के आधार नामांकन केंद्रों और आधार सेवा केंद्रों पर भी बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) किए जा रहे हैं। इसी अवधि में इन केंद्रों पर पहुँचकर बच्चों द्वारा लगभग 1.3 करोड़ आधार पंजीकरण फॉर्म भरे जा चुके हैं, जो इस अभियान की व्यापक सफलता को दर्शाता है।
डिजिटल भविष्य की ओर मजबूत कदम
यूआईडीएआई का यह अभियान न केवल आधार डाटाबेस को अधिक सटीक बना रहा है, बल्कि डिजिटल पहचान, पारदर्शी लाभ वितरण और शिक्षा प्रणाली में सुगमता सुनिश्चित करने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हो रहा है। आने वाले समय में इससे सरकारी योजनाओं की पहुँच और अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है।
