जयपुर,31.August.2026। NEET PG 2026 परीक्षा के दौरान जयपुर के दो परीक्षा केंद्रों पर बिजली आपूर्ति बाधित होने और परीक्षा में आई रुकावट के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की है। इस समिति की अध्यक्षता राजस्थान कैडर की वरिष्ठ IAS अधिकारी गायत्री राठौड़ करेंगी।
गायत्री राठौड़ वर्तमान में राजस्थान सरकार के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं मेडिकल एजुकेशन विभाग में प्रमुख शासन सचिव के पद पर कार्यरत हैं। प्रशासनिक क्षेत्र में लंबे अनुभव के दौरान वह महिला एवं बाल विकास, पर्यटन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और आयुर्वेद सहित कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।
जयपुर के दो केंद्रों पर बिजली गुल होने से मची थी परेशानी
NEET PG परीक्षा के दौरान जयपुर के सीतापुरा स्थित iON Digital Zone के दो परीक्षा केंद्रों पर बिजली आपूर्ति में समस्या सामने आई थी। बिजली बाधित होने के कारण परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हुई और अभ्यर्थियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।
घटना के बाद अभ्यर्थियों ने विरोध जताते हुए परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए NBEMS ने इसकी विस्तृत जांच कराने का निर्णय लिया है।
तीन सदस्यीय कमेटी करेगी पूरे मामले की जांच
NBEMS की ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच समिति में IAS अधिकारी गायत्री राठौड़ को अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी तथा केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के वरिष्ठ इंजीनियरिंग अधिकारी को भी शामिल किया गया है।
इससे साफ है कि जांच में प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ बिजली आपूर्ति और तकनीकी पहलुओं को भी विस्तार से देखा जाएगा।
सेंटर मैनेजमेंट से लेकर बिजली बैकअप तक होगी जांच
जांच समिति जयपुर के दोनों प्रभावित परीक्षा केंद्रों की पूरी व्यवस्था की समीक्षा करेगी। इसमें मुख्य रूप से:-
– परीक्षा केंद्र के सेंटर मैनेजमेंट की जांच
– बिजली आपूर्ति और पावर बैकअप सिस्टम की स्थिति
– कंप्यूटर एवं अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच
– परीक्षा के दौरान हुई घटनाओं का क्रमवार परीक्षण
– अभ्यर्थियों की शिकायतों की जांच
– अभ्यर्थियों द्वारा उपलब्ध कराए गए डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण
– परीक्षा संचालन में संभावित लापरवाही की जिम्मेदारी तय करना
जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।
समिति यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि बिजली बाधित होने की वास्तविक वजह क्या थी और परीक्षा व्यवस्था में यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
5 सितंबर को दोबारा होगी NEET PG परीक्षा
बिजली बाधित होने से प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत देते हुए जयपुर के दोनों परीक्षा केंद्रों पर NEET PG 2026 की परीक्षा 5 सितंबर 2026, शनिवार को दोबारा आयोजित करने का फैसला किया गया है।दोबारा परीक्षा कराने के फैसले से प्रभावित अभ्यर्थियों को अपनी परीक्षा निष्पक्ष तरीके से देने का अवसर मिलेगा। वहीं, जांच समिति की रिपोर्ट के बाद पूरे घटनाक्रम में जिम्मेदारी भी तय हो सकती है।
समिति अपनी जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंपेगी। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर परीक्षा केंद्र की व्यवस्था, बिजली आपूर्ति और अन्य संबंधित स्तरों पर जिम्मेदारी तय की जा सकती है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों या संस्थाओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी संभव है।
NEET PG अभ्यर्थियों की नजर अब जांच रिपोर्ट पर
NEET PG जैसी महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा में पारदर्शिता और निर्बाध परीक्षा व्यवस्था बेहद अहम है। ऐसे में जयपुर की घटना की जांच की जिम्मेदारी एक वरिष्ठ IAS अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञों वाली समिति को दिए जाने से मामले की गंभीरता स्पष्ट होती है।
