नई दिल्ली,07 jan 2026 । भारत का निर्वाचन आयोग 21 से 23 जनवरी 2026 तक लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर पहले भारत अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन,2026 (IICDEM 2026) की मेज़बानी करेगा। यह ऐतिहासिक तीन दिवसीय सम्मेलन नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा, जिसका आयोजन इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) द्वारा किया जा रहा है।
यह सम्मेलन चुनाव प्रबंधन और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के क्षेत्र में भारत द्वारा आयोजित अब तक का सबसे बड़ा वैश्विक आयोजन होगा। इसमें दुनिया भर के चुनाव प्रबंधन निकायों (EMB) के लगभग 100 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अधिकारी, भारत में स्थित विदेशी दूतावासों के प्रतिनिधि तथा चुनावी अध्ययन से जुड़े शिक्षाविद और प्रैक्टिसिंग विशेषज्ञ भाग लेंगे।
IICDEM 2026 का एजेंडा भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा निर्धारित दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगा। यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत वर्ष 2026 में इंटरनेशनल IDEA के सदस्य देशों की परिषद की अध्यक्षता संभालने जा रहा है, जिसका केंद्रीय विषय होगा “एक समावेशी, शांतिपूर्ण, लचीली और टिकाऊ दुनिया के लिए लोकतंत्र।”
IIIDEM के महानिदेशक राकेश वर्मा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह सम्मेलन चुनाव प्रबंधन संस्थाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक मजबूत वैश्विक मंच बनेगा। इससे समकालीन चुनौतियों की साझा समझ विकसित होगी, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और नवाचारों का आदान-प्रदान होगा तथा साझा समाधान तैयार किए जा सकेंगे। इस अवसर पर IICDEM 2026 के आधिकारिक प्रतीक चिन्ह का भी अनावरण किया गया।
सम्मेलन के माध्यम से वैश्विक प्रतिनिधियों को भारत की चुनावी प्रणाली, प्रक्रियाओं और तकनीकी नवाचारों से भी परिचित कराया जाएगा, जिन्होंने भारतीय चुनावों को दुनिया के सबसे बड़े और सबसे भरोसेमंद लोकतांत्रिक अभ्यासों में शामिल किया है। कार्यक्रम में उद्घाटन सत्र, EMB लीडर्स प्लेनरी, EMB वर्किंग ग्रुप मीटिंग, ECINET के लॉन्च के साथ-साथ वैश्विक चुनावी मुद्दों पर केंद्रित कई थीमेटिक सत्र शामिल होंगे।
तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ मिलकर 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकें भी की जाएंगी, जिनमें विभिन्न देशों के EMB प्रमुख और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भाग लेंगे।
इस वैश्विक सम्मेलन में 4 आईआईटी, 6 आईआईएम, 12 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (NLU) और भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थान भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ 36 थीमेटिक समूहों का नेतृत्व करेंगे।
