पीएम किसान योजना में बड़ा बदलाव: 22वीं किस्त के लिए Farmer ID अनिवार्य, ₹2,000 पाने के लिए जानिए पूरी प्रक्रिया
नई दिल्ली, 07 जनवरी 2026 । केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता को लेकर वर्ष 2026 में एक अहम नियम बदलाव किया गया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त और आगे की सभी किस्तों का लाभ लेने के लिए किसानों के पास Farmer ID (किसान पहचान संख्या) होना अनिवार्य होगा। यदि कोई पात्र किसान यह प्रक्रिया समय रहते पूरी नहीं करता है, तो उसके खाते में आने वाली ₹2,000 की अगली किस्त अटक सकती है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2019 में की गई थी। इस योजना का उद्देश्य देश के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करना है। इसके तहत पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष ₹6,000 की सहायता दी जाती है, जो तीन बराबर किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है। प्रत्येक किस्त की राशि ₹2,000 होती है।
Farmer ID क्यों की गई अनिवार्य?
सरकार के अनुसार, Farmer ID को अनिवार्य करने के पीछे मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ वास्तविक और पात्र किसानों तक ही पहुंचे। बीते वर्षों में कई राज्यों से ऐसे मामले सामने आए, जहां अपात्र लोग या गलत जानकारी के आधार पर योजना का लाभ लिया गया। Farmer ID के जरिए किसान की भूमि जानकारी, फसल विवरण और व्यक्तिगत पहचान एक डिजिटल प्रणाली से जुड़ जाएगी, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
22वीं किस्त पर सीधा असर
सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन किसानों की Farmer ID नहीं बनी होगी या जिनकी e-KYC प्रक्रिया अधूरी होगी, उन्हें पीएम किसान की 22वीं किस्त का भुगतान नहीं किया जाएगा। इसका मतलब साफ है कि ₹2,000 की अगली किस्त पाने के लिए Farmer ID बनवाना अब केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जरूरी शर्त बन चुकी है।
Farmer ID कैसे बनवाएं?
Farmer ID बनवाने की प्रक्रिया को सरकार ने अपेक्षाकृत सरल रखा है। किसान निम्न माध्यमों से यह कार्य कर सकते हैं:
- आधिकारिक PM किसान पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन
- नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से
- पंचायत स्तर पर लगाए जा रहे विशेष पंजीकरण शिविरों में
इसके लिए किसानों को आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और भूमि से संबंधित दस्तावेज (खसरा, खतौनी, जमाबंदी आदि) की आवश्यकता होगी। सत्यापन पूरा होने के बाद किसान को एक यूनिक Farmer ID जारी की जाएगी।
e-KYC भी जरूरी
सरकार ने यह भी साफ किया है कि Farmer ID के साथ-साथ e-KYC प्रक्रिया पूरी करना भी अनिवार्य है। जिन किसानों ने अभी तक e-KYC नहीं कराई है, उन्हें भी जल्द से जल्द यह कार्य पूरा करने की सलाह दी गई है, ताकि भुगतान में किसी तरह की रुकावट न आए।
किसानों के लिए क्या है लाभ?
विशेषज्ञों का मानना है कि Farmer ID लागू होने से:
- पीएम किसान योजना अधिक पारदर्शी बनेगी
- सही किसानों तक ही सहायता पहुंचेगी
- भविष्य में अन्य कृषि योजनाओं से जुड़ना आसान होगा
- डिजिटल रिकॉर्ड के कारण किसानों को बार-बार दस्तावेज जमा नहीं करने पड़ेंगे
सरकार की अपील
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने सभी लाभार्थी किसानों से अपील की है कि वे समय रहते Farmer ID और e-KYC की प्रक्रिया पूरी कर लें। इससे न केवल 22वीं किस्त का भुगतान सुचारू रहेगा, बल्कि आगे आने वाली सभी किस्तों और योजनाओं का लाभ भी बिना किसी अड़चन के मिलता रहेगा।पीएम किसान सम्मान निधि योजना में किया गया यह नया बदलाव किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि किसान समय रहते अपनी Farmer ID बनवाते हैं या नहीं। अगर आप भी पीएम किसान योजना के लाभार्थी हैं, तो अब देर न करें,अपनी Farmer ID और e-KYC तुरंत पूरी करें, ताकि ₹2,000 की अगली किस्त बिना रुकावट आपके खाते में पहुंच सके।
