नई दिल्ली, 02 जनवरी — हरियाणा के मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि समाधान शिविरों की जानकारी विभिन्न माध्यमों से आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इन शिविरों में आकर अपनी समस्याएं दर्ज करा सकें और उनका समयबद्ध समाधान हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिविरों के आयोजन का दिन, समय और स्थान की जानकारी नागरिकों तक पहले से पहुंचे, यह जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में आयोजित समाधान शिविरों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में सभी जिला उपायुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि समाधान शिविरों में प्राप्त प्रत्येक शिकायत को जिला उपायुक्त अपनी स्पष्ट टिप्पणी के साथ आगे भेजें और जब तक किसी शिकायत का पूर्ण समाधान नहीं हो जाता, तब तक उसे जिला स्तर पर पेंडिंग रखा जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि औपचारिक निस्तारण नहीं, बल्कि वास्तविक समाधान ही प्रशासन का लक्ष्य होना चाहिए।
बैठक में बताया गया कि जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 तक बीते छह महीनों में कुल 17,699 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। तय समय सीमा में शिकायतों के निस्तारण पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों की सराहना की और निर्देश दिए कि भविष्य में भी यही गति और संवेदनशीलता बनी रहनी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि प्रदेश के सभी जिला उपायुक्त और उप-मंडल अधिकारी (नागरिक) कार्यालयों में प्रत्येक सप्ताह सोमवार और वीरवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि समाधान शिविरों में आने वाले नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर जनता और प्रशासन के बीच विश्वास का सेतु हैं और इस विश्वास को किसी भी हाल में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जिला अंबाला के एक गांव में पानी की निकासी से जुड़ी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला उपायुक्त अंबाला को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने इस समस्या के स्थायी निस्तारण के लिए एक समिति गठित करने को कहा, जिसमें संबंधित विभाग के एक्सईएन, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) और मार्केट कमेटी के एक कर्मचारी को शामिल किया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, ओएसडी विवेक कालिया, बी.बी. भारती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे
