दिल्ली में हाईकोर्ट के आदेश पर बड़ी कार्रवाई: रामलीला मैदान के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान पथराव, पुलिस ने संभाला मोर्चा
नई दिल्ली,07.jan.2026 । राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान के समीप अवैध अतिक्रमण के खिलाफ 6 जनवरी की देर रात करीब 1 बजे एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के अनुपालन में नगर निगम दिल्ली (MCD) द्वारा अंजाम दी गई। अभियान के तहत मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी सरकारी भूमि पर बने अवैध निर्माणों को हटाया गया।
एमसीडी ने इस कार्रवाई के लिए 17 बुलडोजरों को तैनात किया था। रातभर चली इस कार्रवाई में इलाके में बने बारात घर, डायग्नोस्टिक सेंटर और कई व्यावसायिक दुकानें ढहा दी गईं। प्रशासन के अनुसार, यह सभी निर्माण सरकारी भूमि पर बिना वैध अनुमति के किए गए थे और इन्हें हटाने के लिए पहले से न्यायालय का निर्देश मौजूद था।
तुर्कमान गेट इलाके में तनाव, भीड़ ने किया पथराव
कार्रवाई के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़कर कार्रवाई स्थल तक पहुंचने की कोशिश की और एमसीडी कर्मचारियों व पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक बढ़ी हिंसा से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हालात को नियंत्रित करने के लिए मौके पर तैनात दिल्ली पुलिस को मजबूरन आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके बाद पुलिस ने सख्ती बरतते हुए भीड़ को पीछे खदेड़ा और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी।

9 जोन में बांटा गया इलाका, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
सेंट्रल रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मधुर वर्मा ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। एहतियातन पूरे क्षेत्र को 9 सुरक्षा जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी ADCP स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स और स्थानीय थानों की टीमें तैनात की गई हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीसीटीवी और मोबाइल वीडियो फुटेज के माध्यम से पत्थरबाजी करने वालों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिसकर्मियों को चोटें, कार्रवाई जारी
इस संबंध में डीसीपी निधिन वलसन ने कहा कि एमसीडी द्वारा की जा रही यह पूरी कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के तहत है और इसे रोकने का कोई सवाल नहीं है। उन्होंने बताया कि पथराव की घटना में 4 से 5 पुलिस अधिकारियों को मामूली चोटें आई हैं, जिनका प्राथमिक उपचार किया गया। फिलहाल सभी अधिकारी खतरे से बाहर हैं।
डीसीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और किसी भी तरह की हिंसा या सरकारी कार्य में बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन की अपील: शांति बनाए रखें
प्रशासन और पुलिस ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि अवैध अतिक्रमण हटाने के उद्देश्य से की गई है और इसका सीधा संबंध न्यायालय के आदेशों के पालन से है।
फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल की मौजूदगी बनी हुई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन का दावा है कि आने वाले समय में भी कोर्ट के आदेशानुसार अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त किया जा सके और कानून का राज सुनिश्चित हो सके।
