नई दिल्ली, 08. जून. 2026। भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद संबित पात्रा ने INDIA गठबंधन की हालिया बैठक पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्षी गठबंधन अब राजनीतिक रूप से बिखराव और अविश्वास का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि जिस बैठक को लेकर विपक्षी दलों ने बड़े स्तर पर माहौल बनाने का प्रयास किया था, वह अंततः सीमित उपस्थिति और आपसी मतभेदों का प्रदर्शन बनकर रह गई।
संबित पात्रा ने कहा कि एक समय था जब विपक्षी गठबंधन की बैठकें बड़े-बड़े स्टेडियमों और विशाल सभागारों में आयोजित होती थीं, लेकिन अब स्थिति यह है कि बैठकें छोटे कमरों तक सिमट गई हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि यही स्थिति रही तो आने वाले समय में INDIA गठबंधन की बैठकें कारों के भीतर ही आयोजित होती दिखाई देंगी।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्षी दलों के भीतर विभिन्न राज्यों को लेकर अलग-अलग मानदंड अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां विपक्षी दलों को राजनीतिक लाभ मिलता है, वहां सब कुछ ठीक बताया जाता है, लेकिन जहां उन्हें जनता का समर्थन नहीं मिलता, वहां लोकतंत्र और संस्थाओं पर सवाल उठाए जाते हैं।
संबित पात्रा ने पश्चिम बंगाल की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्षी दलों के बीच अविश्वास लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि जनता ने कई दलों को इसलिए नकारा क्योंकि वे अपने वादों और व्यवहार में विश्वास पैदा नहीं कर सके। पात्रा ने कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं के सार्वजनिक बयान ही उनके आंतरिक मतभेदों को उजागर कर रहे हैं।
उन्होंने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि एक-दूसरे की आलोचना करने वाले नेता केवल भाजपा विरोध के आधार पर साथ आने की कोशिश कर रहे हैं। पात्रा के अनुसार, INDIA गठबंधन के घटक दलों के राजनीतिक हित और विचार अलग-अलग हैं, जबकि उनका एकमात्र साझा एजेंडा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा का विरोध करना है।
भाजपा प्रवक्ता ने महाराष्ट्र और पंजाब की राजनीति का भी उल्लेख करते हुए कहा कि गठबंधन के कई घटक दलों के बीच राज्यों में सीधा राजनीतिक संघर्ष है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल राष्ट्रीय स्तर पर साथ दिखने का प्रयास करते हैं, लेकिन राज्यों में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगता है।
तमिलनाडु की राजनीति का उल्लेख करते हुए पात्रा ने कहा कि कुछ सहयोगी दल संसद और अन्य मंचों पर अलग पहचान बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे INDIA गठबंधन के भीतर बढ़ती असहजता और मतभेदों का संकेत बताया।
संबित पात्रा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जनता ने विभिन्न चुनावों में विपक्षी दलों को लगातार नकारा है। उनके अनुसार, इसका कारण यह है कि मतदाता अब केवल भाजपा विरोध की राजनीति नहीं बल्कि विकास, सुशासन और स्थिर नेतृत्व को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल जितनी चाहे बैठकें कर लें, लेकिन जनता उनके राजनीतिक उद्देश्य और आंतरिक विरोधाभासों को भलीभांति समझ चुकी है।
प्रेस वार्ता के अंत में भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि INDIA गठबंधन के नेताओं के बीच न तो विचारों की एकरूपता है और न ही नेतृत्व को लेकर स्पष्टता। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले चुनावों में भी जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भाजपा की नीतियों पर भरोसा जताएगी।
