नई दिल्ली/ लखनऊ, 17 अप्रैल 2026 | राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता (दोहरी नागरिकता) के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आज 17 अप्रैल 2026 को महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है और कहा है कि लगाए गए आरोप “जांच का विषय हैं”। UP सरकार को या तो खुद जांच करने या किसी केंद्रीय एजेंसी (जैसे CBI) को सौंपने का आदेश दिया गया है।
यह आदेश याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की याचिका पर आया है। उन्होंने राहुल गांधी पर भारतीय नागरिकता छिपाकर ब्रिटिश नागरिकता रखने का आरोप लगाया है, जो भारतीय कानून के खिलाफ है।

पूरा मामला और आरोप क्या है?
याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर का दावा है कि राहुल गांधी के पास दोहरी नागरिकता (भारतीय + ब्रिटिश) है। उन्होंने कोर्ट में कुछ दस्तावेज जमा किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- राहुल गांधी ने 2003 में UK में Backops Ltd. नाम की कंपनी (Company No. 4874597) इंकॉर्पोरेट की थी और डायरेक्टर थे।
- कंपनी के 2005-2006 के वार्षिक रिटर्न्स (Companies House, UK) में राहुल गांधी ने खुद को British citizen बताया और लंदन/विंचेस्टर का पता दिया।
- 2004 लोकसभा चुनाव के नॉमिनेशन पेपर में उन्होंने इस कंपनी और लंदन के Barclays Bank अकाउंट का जिक्र किया था।
- UK सरकार के कुछ गोपनीय ईमेल्स और दस्तावेजों का हवाला दिया गया है।
- यह आरोप पुराने हैं 2015 में पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत पर 29 अप्रैल 2019 को Ministry of Home Affairs (MHA) ने राहुल गांधी को नोटिस भेजा था, जिसमें नागरिकता पर स्पष्टीकरण मांगा गया था।
याचिकाकर्ता ने FIR की मांग की थी और जांच के लिए Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की कई धाराओं (318, 335, 340, 236, 237, 61, 148, 147, 152, 238 आदि), Official Secrets Act 1923 (धारा 3, 5, 6), Passport Act 1967 (धारा 12, 13) और Foreigners Act 1946 (धारा 14B, 14C) के तहत कार्रवाई की मांग की थी। FIR कोतवाली थाना, रायबरेली में दर्ज होनी चाहिए।
केस की समयरेखा (Timeline)
- जनवरी 2026: याचिकाकर्ता ने लखनऊ की Special MP/MLA Court (ACJM-III) में FIR के लिए अर्जी दी (BNSS धारा 173(4) + 175(3))।
- 28 जनवरी 2026: Special Court ने FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि नागरिकता का मुद्दा तय करना उसकी jurisdiction में नहीं है और याचिका “abuse of process of law” है।
- मार्च 2026: याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी (BNSS धारा 528)।
- 9 मार्च 2026: Justice Rajeev Singh की सिंगल बेंच ने MHA से 2019 नोटिस की पूरी फाइल तलब की। अगली सुनवाई 19 मार्च तय की।
- 19-20 मार्च 2026: लखनऊ बेंच (चैंबर में गोपनीय सुनवाई) ने MHA के रिकॉर्ड्स देखे और याचिकाकर्ता को केंद्र सरकार (GoI) को पक्षकार बनाने का आदेश दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुनवाई चैंबर में हुई।
- अप्रैल 2026: आगे सुनवाई हुई (6 अप्रैल आदि)।
- 17 अप्रैल 2026 (आज): लखनऊ बेंच ने निचली अदालत का आदेश पलटते हुए FIR दर्ज करने का स्पष्ट आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि आरोप जांच के लायक हैं। UP सरकार को जांच खुद करने या केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का निर्देश।
Imp. Facts
- हाईकोर्ट ने नागरिकता की सच्चाई की जांच खुद नहीं की बस कहा कि आरोप “जांच का विषय” हैं। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस/एजेंसी जांच करेगी।
- यह मामला रायबरेली से जुड़ा है (राहुल गांधी वहां से सांसद हैं)।
- राहुल गांधी या कांग्रेस की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया इन रिपोर्ट्स में नहीं आई है (पुराने मामलों में उन्होंने हमेशा इन आरोपों को खारिज किया है)।
- भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है। अगर साबित हुआ तो भारतीय नागरिकता रद्द हो सकती है और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
यह जानकारी आज की ताजा खबरों (17 अप्रैल 2026) पर आधारित है। FIR दर्ज होने के बाद आगे की जांच और कोर्ट की सुनवाई पर नजर रखनी होगी अभी यह आदेश का चरण है, अंतिम फैसला नहीं।
