नई दिल्ली, 19 मार्च 2026 | अमेरिका के भारत में राजदूत और दक्षिण एवं मध्य एशिया के विशेष दूत सर्जियो गोर 19 से 24 मार्च 2026 के बीच श्रीलंका और मालदीव की महत्वपूर्ण यात्रा पर जा रहे हैं। यह दौरा हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते सामरिक महत्व के बीच हो रहा है, जहां अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। इस दौरान सर्जियो गोर दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय बैठकों में भाग लेंगे, जिनमें समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता, बुनियादी ढांचे के विकास और आर्थिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी।

हिंद महासागर वैश्विक व्यापार का एक प्रमुख केंद्र है, इसलिए इसकी सुरक्षा और स्थिरता को लेकर अमेरिका की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। इस यात्रा के जरिए अमेरिका “फ्री, ओपन और सुरक्षित इंडो-पैसिफिक” की अपनी रणनीति को और मजबूत करना चाहता है। विशेष रूप से मालदीव के साथ 60 वर्षों के कूटनीतिक संबंधों के मद्देनजर यह दौरा और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने की कोशिश होगी।
इसी बीच अंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषकों का मानना है कि इस दौरे के दौरान हाल ही में हुए उस घटनाक्रम पर भी चर्चा हो सकती है, जिसमें श्रीलंका ने ईरान के नौसैनिक जहाज को अपने बंदरगाह में प्रवेश की अनुमति दी थी। दरअसल, अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत पर हमले के बाद एक अन्य ईरानी जहाज ने तकनीकी समस्या और आपात स्थिति के कारण श्रीलंका में डॉकिंग की अनुमति मांगी थी, जिसे मानवीय आधार पर स्वीकार किया गया।
इस घटना ने क्षेत्रीय भू-राजनीति को और संवेदनशील बना दिया है, क्योंकि यह अमेरिका-ईरान तनाव और हिंद महासागर में बढ़ती सैन्य गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मुद्दों पर अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ समन्वय बढ़ाने की कोशिश करेगा। वहीं भारत भी इस पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है, क्योंकि हिंद महासागर क्षेत्र उसकी रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल है और यहां किसी भी प्रकार का असंतुलन उसके हितों को प्रभावित कर सकता है।
कुल मिलाकर, सर्जियो गोर की यह यात्रा केवल एक कूटनीतिक दौरा नहीं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में बदलते शक्ति संतुलन, सुरक्षा चुनौतियों और वैश्विक राजनीति के नए समीकरणों को समझने और उन्हें दिशा देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।
