नई दिल्ली, 16 जनवरी 2026 । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश का आगामी बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि यह हरियाणा के 2.80 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं, जरूरतों और सुझावों का सजीव प्रतिबिंब बनेगा। वे गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के सभागार में आयोजित पंचायत एवं नगर निकाय जनप्रतिनिधियों के बजट-पूर्व परामर्श कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनभागीदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और इसी उद्देश्य से बजट निर्माण की प्रक्रिया को जनता से सीधे जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी दस दिनों तक पंचायत प्रतिनिधि, नगर निकाय सदस्य और आम नागरिक विभिन्न माध्यमों, विशेषकर चैट-बॉट के जरिए अपने सुझाव भेज सकते हैं। इन सुझावों को आगामी बजट में गंभीरता से शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी दिशा में हरियाणा सरकार द्वारा तैयार विजन डॉक्यूमेंट को धरातल पर उतारने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गांव लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव हैं और सरपंच गांव की पहली आवाज होते हैं। गांवों के संतुलित विकास में सरपंचों की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश का समग्र विकास तभी संभव है, जब गांव और शहर दोनों समान गति से आगे बढ़ें। सरकार इस संतुलन को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने जानकारी दी कि बजट 2025-26 में पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास के लिए 7,616 करोड़ 52 लाख रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें से अब तक 2,808 करोड़ 72 लाख रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। इस बजट के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में फिरनियों का निर्माण, महिला चौपालों की स्थापना, ई-लाइब्रेरी, इंडोर जिम, अमृत सरोवर और ठोस कचरा प्रबंधन जैसी अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए समय पर अनुदान, ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता और ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। ग्राम पंचायतों द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों की सीमा बढ़ाकर 21 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही पंचायती राज संस्थाओं में ओबीसी-बी वर्ग को 5 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर सामाजिक समावेशन को मजबूती दी गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने वर्ष में कम से कम एक ग्राम सभा आयोजित करना अनिवार्य किया है, जिसमें गांव की कम से कम 40 प्रतिशत आबादी की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 13 जिलों में ऐसी ग्राम सभाएं आयोजित की जा चुकी हैं, जो ग्रामीण लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।
शहरी विकास पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर किसी भी राज्य के विकास के इंजन होते हैं। तेजी से बढ़ते शहरीकरण और नागरिकों की बढ़ती अपेक्षाओं के बीच शहरी स्थानीय निकायों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। बजट 2025-26 में स्थानीय निकायों के लिए 5,666 करोड़ 28 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है, जो शहरी बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में सहायक होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि शहरी क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए संपत्ति कर, विकास कर और कचरा शुल्क को न्यूनतम और व्यावहारिक रखा गया है। जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए 100 करोड़ रुपये का विशेष कोष स्थापित किया गया है। इसके अलावा सीवरेज, सड़क सफाई और अन्य नगर सेवाओं के लिए आधुनिक मशीनरी उपलब्ध कराई गई है, जिससे शहरी जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाया जा सके।
बैठक के दौरान सरपंचों, पार्षदों और अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए व्यावहारिक सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इन सभी सुझावों को बजट 2026-27 में स्थान मिलेगा। उन्होंने कहा कि जब बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा, तब जिन हितधारकों के सुझाव शामिल होंगे, उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा, ताकि वे स्वयं सरकार की प्रतिबद्धता के साक्षी बन सकें।
मुख्यमंत्री ने वीबी जी राम जी एक्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह श्रमिकों के कल्याण की मजबूत गारंटी है। पहले जहां इसके तहत 100 दिन का रोजगार उपलब्ध था, अब इसे बढ़ाकर 125 दिन की मजदूरी की कानूनी गारंटी दी गई है। इससे श्रमिकों को अधिक रोजगार, स्थायित्व और पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, विधायक रणधीर पनिहार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक अनीश यादव, उपायुक्त महेंद्र पाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गांव और शहर दोनों के विकास में बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
