नई दिल्ली/पटना – राज्यसभा के संभावित नामांकन और मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी सस्पेंस ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। जिस तरह से शीर्ष नेतृत्व ने अब तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है, उससे राजनीतिक माहौल और भी रहस्यमयी बन गया है।
सूत्रों के मुताबिक, अंदरखाने लगातार बैठकों का दौर जारी है, लेकिन बाहर किसी तरह की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आ रही है। यही वजह है कि विपक्षी दलों के साथ-साथ बीजेपी खेमे में भी बेचैनी बढ़ती दिखाई दे रही है। कई नेताओं का मानना है कि अंतिम समय में ऐसा फैसला हो सकता है जो राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल दे।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस रणनीतिक चुप्पी ने बीजेपी को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है। पार्टी के नेता लगातार बयान दे रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें किसी ठोस संकेत का इंतजार है। यही वजह है कि सियासी गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
वहीं दूसरी ओर, सत्ताधारी खेमे के करीबी नेताओं का कहना है कि सही समय आने पर ही बड़ा फैसला सामने आएगा। तब तक यह रहस्य बना रहना तय है, और यही सस्पेंस बीजेपी के लिए सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती बनता जा रहा है।
