नई दिल्ली/पंचकूला, 18 जनवरी 2026।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी जी-राम-जी योजना मेहनतकश श्रमिकों के जीवन में सम्मान, समय पर मजदूरी और सुरक्षित आजीविका सुनिश्चित करने की ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण बताया, जिसके तहत हर श्रमिक को केवल काम ही नहीं, बल्कि गरिमा और अधिकार भी मिलता है।
मुख्यमंत्री पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में आयोजित वीबी जी-राम-जी राज्य स्तरीय सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी भी उपस्थित रहे।
100 से 125 दिन रोजगार: आय में सीधी बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि नए कानून के तहत रोजगार की वैधानिक गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। इसके अलावा फसल बुवाई और कटाई के समय 60 दिनों के कार्य प्रबंधन से श्रमिकों को दोहरा लाभ मिलेगा। इससे देशभर में एक ग्रामीण अकुशल श्रमिक की वार्षिक आय औसतन 7 हजार रुपये से अधिक बढ़ेगी, जबकि हरियाणा में यह लाभ कम से कम 10 हजार रुपये तक पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा देश में 400 रुपये प्रतिदिन की सर्वाधिक न्यूनतम मजदूरी देने वाला राज्य है, जिससे एक श्रमिक की वार्षिक आय 50 हजार रुपये या उससे अधिक हो सकेगी।
साप्ताहिक भुगतान और पारदर्शिता
नायब सिंह सैनी ने कहा कि वीबी जी-राम-जी में 15 दिन की जगह साप्ताहिक वेतन भुगतान की व्यवस्था की गई है। बायोमेट्रिक हाजिरी और जीओ-टैगिंग से फर्जी मजदूर, फर्जी काम और फर्जी भुगतान की गुंजाइश समाप्त होगी। साथ ही कार्यों की प्रकृति का विस्तार कर गांवों में अधिक विकास कार्य सुनिश्चित किए गए हैं।
मनरेगा की खामियों से आगे: नया कानून, नया भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा में समय के साथ आई विसंगतियों,भ्रष्टाचार, फर्जी जॉब कार्ड, ठेकेदार वर्चस्व और भुगतान में देरी ,का खामियाजा श्रमिकों को भुगतना पड़ा। उन्होंने बताया कि हरियाणा में अक्टूबर 2014 से अक्टूबर 2025 तक श्रमिकों को 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान हुआ, जबकि कांग्रेस शासन के दस वर्षों में यह आंकड़ा 2,000 करोड़ रुपये से भी कम था। यह अंतर पारदर्शिता और श्रमिक सम्मान की नीति को दर्शाता है।
विपक्ष पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने मनरेगा को श्रमिकों की बजाय अपनी आजीविका का साधन बनाया और नाम बदलने के बावजूद भ्रष्टाचार नहीं रुका। वहीं पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वह वोट बैंक की राजनीति के लिए वीबी जी-राम-जी को लेकर भ्रम फैला रही है, जबकि भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों पर कार्रवाई नहीं कर रही।
श्रमिकों से सीधा संवाद
सम्मेलन में विभिन्न जिलों से आए श्रमिकों ने योजना के लाभ साझा किए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अब 125 दिन का काम, 7 दिन में भुगतान और पारदर्शी प्रणाली से उनकी आय और जीवन स्तर में वास्तविक सुधार होगा।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा, रेखा शर्मा, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, उपायुक्त सतपाल शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।
