नई दिल्ली ,कोलकाता, 22 दिसंबर 2025 | पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया मोड़ सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने सोमवार को अपनी नई राजनीतिक पार्टी के गठन का औपचारिक ऐलान कर दिया। कोलकाता में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी का नाम “जनता उन्नयन पार्टी” होगा, जिसका उद्देश्य राज्य की राजनीति में आम जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाना है।
हुमायूं कबीर ने कहा कि उनकी नई पार्टी विकास, सामाजिक न्याय और जनसमस्याओं को केंद्र में रखकर राजनीति करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा राजनीतिक दल जनता के वास्तविक मुद्दों से दूर होते जा रहे हैं, जिसके चलते एक वैकल्पिक मंच की जरूरत महसूस हुई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनता उन्नयन पार्टी किसी व्यक्ति विशेष या परिवार आधारित राजनीति के बजाय संगठन और विचारधारा पर आधारित होगी।
सूत्रों के अनुसार, हुमायूं कबीर आगामी 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी संगठन को तेजी से खड़ा करने की तैयारी में हैं। शुरुआती चरण में पार्टी का फोकस मुर्शिदाबाद और आसपास के इलाकों पर रहेगा, जहां से हुमायूं कबीर का राजनीतिक आधार जुड़ा रहा है। उन्होंने संकेत दिए कि समय आने पर पार्टी राज्य की बड़ी संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जनता उन्नयन पार्टी का गठन तृणमूल कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में हलचल पैदा कर सकता है, खासकर अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में। हालांकि, नई पार्टी राज्य की राजनीति में कितना प्रभाव डाल पाएगी, यह आने वाले महीनों में संगठन विस्तार और जनसमर्थन पर निर्भर करेगा। फिलहाल, हुमायूं कबीर के इस कदम ने पश्चिम बंगाल की सियासत को एक नई बहस जरूर दे दी है।
