“एक पेड़ दस पुत्रों के समान” – रविशंकर प्रसाद और डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने पर्यावरण और संस्कृति संरक्षण पर दिया जोर
नई दिल्ली, 20 दिसंबर।
‘पॉलिटिकल ट्रस्ट’ द्वारा 20 दिसंबर को कांस्टीट्यूशन क्लब, नई दिल्ली में पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति पर केंद्रित एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के महत्व को जन-जन तक पहुँचाना था। इसका सफल आयोजन पॉलिटिकल ट्रस्ट की संपादक निम्मी ठाकुर के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद रविशंकर प्रसाद तथा अति-विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. धर्मशीला गुप्ता उपस्थित रहीं।
का विशेष योगदान
कार्यक्रम के सफल आयोजन में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) का स्पॉन्सर के रूप में महत्वपूर्ण और सराहनीय योगदान रहा। HPCL द्वारा पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़े सामाजिक सरोकारों को समर्थन देकर यह संदेश दिया गया कि कॉर्पोरेट जगत भी पर्यावरण और सांस्कृतिक संरक्षण की जिम्मेदारी निभा रहा है।
मुख्य अतिथि रविशंकर प्रसाद ने कहा कि “प्रकृति ही हमारी संस्कृति है।” उन्होंने भारतीय परंपराओं का उदाहरण देते हुए बताया कि ऋषि-मुनियों ने बरगद और पीपल को महत्व दिया, नीम को पूजनीय माना और नदियों को ‘माँ’ का दर्जा दिया। छठ पूजा और तुलसी के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में पर्यावरण संरक्षण जीवन का अभिन्न हिस्सा है। अपने ओजस्वी संबोधन और भजन से उन्होंने सभागार को भाव-विभोर कर दिया तथा निम्मी ठाकुर की विशेष सराहना की।
डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण अब एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। उन्होंने वृक्षारोपण पर जोर देते हुए कहा—
“एक पेड़, दस पुत्रों के समान होता है।”
अतिथियों के विचार
मंच पर फिल्म निर्माता सविता शर्मा, पूर्व आईआरएस विनोद कुमार सिंह, डॉ. रजनीश कुमार और पूर्व एसीपी जितेंद्र नारायण झा उपस्थित रहे।
सविता शर्मा ने छठ पूजा को “पर्यावरण की विराट पूजा” बताया।
विनोद कुमार सिंह ने प्रदूषण पर चिंता जताते हुए नैतिक मूल्यों की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. रजनीश कुमार ने पर्यावरण संरक्षण में सहयोग की प्रतिबद्धता जताई।
जितेंद्र नारायण झा ने नई पीढ़ी को स्वाभिमान और नैतिक मूल्यों से जोड़ने पर जोर दिया।
मुख्य वक्ता
वरिष्ठ पत्रकार अनिरुद्ध शर्मा और संजय सिंह ने विचार रखे। अनिरुद्ध शर्मा ने दीपावली और छठ पर्व के वैश्विक महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि संजय सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण समाज की सामूहिक भागीदारी से ही संभव है।
सम्मान समारोह
कला, साहित्य, पत्रकारिता, समाजसेवा और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान देने वाले अनेक लोगों को सम्मानित किया गया।
(सम्मानित प्रतिभागियों की सूची यथावत रखी गई है।)
कार्यक्रम की अध्यक्षता
कार्यक्रम की अध्यक्षता सांत्वना मिश्रा ने की। उन्होंने इसे अत्यंत सफल और प्रेरणादायक बताया तथा निम्मी ठाकुर के प्रयासों की सराहना की।
अमर संदेश के संपादक अमरचंद जी, नीरज झा की टीम और अनु झा की टीम का भी विशेष सहयोग रहा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
कार्यक्रम में बच्चों और कलाकारों द्वारा नृत्य, गीत, कविता पाठ, ढोल वादन, डोमकच और झिझिया नृत्य जैसी आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी गईं।
मंच संचालन अर्चना झा ने अत्यंत कुशलता से किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने प्लास्टिक उपयोग कम करने, तुलसी व नीम के रोपण तथा पर्यावरण संरक्षण को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया।
