नई दिल्ली, 25 मार्च 2026 : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi के हालिया बयान को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की विदेश नीति को लेकर बड़ा बयान दिया, जिससे सियासी विवाद और तेज हो गया है। राहुल गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति “कम्प्रोमाइज” हो चुकी है और प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका और इजरायल के दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “अमेरिका और इजरायल जो कहेंगे, वही प्रधानमंत्री करेंगे” और यह स्थिति देश के हित में नहीं है। इसी बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद Dinesh Sharma ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी की समझ और बयानबाजी पर सवाल उठाए।
दिनेश शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी जो बातें कर रहे हैं, वे उनकी अपनी समझ नहीं बल्कि किसी के द्वारा उन्हें सिखाई गई लगती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी को वैश्विक राजनीति की वास्तविक स्थिति का ज्ञान नहीं है। शर्मा के अनुसार, आज के समय में जब दुनिया के कई देश युद्ध, संघर्ष और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, तब भारत शांति, एकता और भाईचारे का उदाहरण पेश कर रहा है। उन्होंने खास तौर पर हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में ईद और होली के त्योहारों को मिल-जुलकर मनाए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का प्रमाण है।
भाजपा सांसद ने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है और विश्व समुदाय भारत की शक्ति, नेतृत्व और स्थिरता को स्वीकार कर रहा है। ऐसे समय में विपक्ष के इस प्रकार के बयान देश की छवि को कमजोर करने वाले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि Indian National Congress और उसके नेता जानबूझकर ऐसे मुद्दे उठाते हैं जिससे भारत की प्रगति पर प्रश्नचिह्न लगाया जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयानबाजी केवल एक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि आने वाले चुनावी परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक दलों के बीच नैरेटिव की लड़ाई का हिस्सा है, जिसमें एक ओर विपक्ष सरकार की नीतियों और सामाजिक माहौल पर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष भारत की उपलब्धियों, वैश्विक पहचान और आंतरिक एकता को प्रमुखता से सामने रख रहा है।
