जयपुर, 3 फ़रवरी 2026 | जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में स्थित महावीर नगर सोसाइटी, पत्रकार रोड के सार्वजनिक पार्क में दिनांक 2 फ़रवरी 2026 को *अलख फाउंडेशन* की अध्यक्षा *रानू पाराशर* के नेतृत्व में *‘नारी संवाद* ’ कार्यक्रम का भव्य एवं उद्देश्यपूर्ण आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महिलाओं से जुड़े सामाजिक, मानसिक और व्यवहारिक मुद्दों पर संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता रही, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि समाज में महिलाओं के प्रश्नों, उनकी चुनौतियों और उनके समाधान को लेकर संवाद की आवश्यकता निरंतर बढ़ रही है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एएसपी संध्या यादव उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में उन्होंने प्रशासनिक अनुभवों के माध्यम से महिलाओं को आत्मविश्वास, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में विशेष अतिथियों के रूप में चारू शर्मा (डिप्टी कमिश्नर, जीएसटी), लीगल एडवाइज़र एडवोकेट प्रेरणा शर्मा, साइकोलॉजिस्ट ईशा गॉड, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर मीनाक्षी जैन तथा डिंपल शर्मा उपस्थित रहीं। सभी वक्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्र के अनुभव साझा करते हुए महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य, कानूनी अधिकारों, सामाजिक जिम्मेदारियों एवं आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के सफल संचालन में अलख फाउंडेशन की पूरी टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि वर्तमान समय की तेज़ जीवनशैली, पारिवारिक दायित्वों और सामाजिक दबावों का महिलाओं के मानसिक संतुलन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। ‘नारी संवाद’ के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है और इस विषय पर खुलकर संवाद करना एक स्वस्थ समाज की पहचान है। इस कार्यक्रम ने महिलाओं को अपनी बात रखने, सवाल पूछने और समाधान खोजने का एक सुरक्षित मंच प्रदान किया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर रानू पाराशर ने अपने संबोधन में कहा कि अलख फाउंडेशन का उद्देश्य केवल एक दिन या एक स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाला सामाजिक अभियान है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अलख फाउंडेशन पूरे राजस्थान प्रदेश में इस प्रकार के हजारों *‘नारी संवाद’* कार्यक्रम आयोजित करेगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं की वास्तविक समस्याओं, अनुभवों और सुझावों को संकलित कर उनका व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

रानू पाराशर ने यह भी स्पष्ट किया कि इन सभी कार्यक्रमों से प्राप्त तथ्य और आंकड़े सरकार को सौंपे जाएंगे, ताकि महिलाओं, जो समाज की आधी आबादी हैं के हित में ठोस, व्यावहारिक और ज़मीनी स्तर पर प्रभावी नीतियों का निर्माण किया जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि राजस्थान सरकार महिलाओं से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए ऐसे संवादात्मक प्रयासों को नीति निर्माण की प्रक्रिया में उपयोगी बनाएगी।
