मुजफ्फरपुर में संघ प्रमुख मोहन भागवत गणतंत्र दिवस पर मधुकर निकेतन में करेंगे झंडोत्तोलन
नई दिल्ली / मुजफ्फरपुर , 07 जनवरी 2026 | मुजफ्फरपुर की धरती एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वैचारिक चेतना, राष्ट्रभक्ति और संगठनात्मक अनुशासन की साक्षी बनने जा रही है। 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर मोहन भागवत, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक, मुजफ्फरपुर प्रवास पर रहेंगे और मधुकर निकेतन परिसर में ध्वजारोहण करेंगे। यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि संघ के शताब्दी वर्ष में प्रवेश करते हुए उसके विचार, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण का जीवंत प्रतीक माना जा रहा है। संघ के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति को लेकर जिले भर के स्वयंसेवकों में विशेष उत्साह और ऊर्जा का माहौल है।
संघ सूत्रों के अनुसार, सरसंघचालक मोहन भागवत का यह प्रवास पूरी तरह संगठनात्मक और वैचारिक प्रकृति का है। गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण के साथ ही यह संदेश भी जाएगा कि राष्ट्र सर्वोपरि है और संविधान के मूल्यों के साथ समाज को जोड़ना संघ की निरंतर साधना रही है। मुजफ्फरपुर जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध क्षेत्र में यह कार्यक्रम संघ की उस परंपरा को रेखांकित करता है, जिसमें स्थानीय समाज, स्वयंसेवकों और राष्ट्रव्यापी दृष्टि के बीच सेतु बनाया जाता है।
इस दौरे से पहले संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी, विशेषकर सर कार्यवाह स्तर के नेताओं की सक्रियता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्यक्रम केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि व्यापक संपर्क और संगठनात्मक संवाद का हिस्सा है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में शाखाओं के माध्यम से स्वयंसेवकों को संगठित किया गया है, ताकि गणतंत्र दिवस का यह आयोजन अनुशासन, मर्यादा और राष्ट्रभाव के साथ संपन्न हो।
माना जा रहा है कि मोहन भागवत का यह प्रवास स्वयंसेवकों के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा का अवसर भी बनेगा। संघ के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में यह दौरा संगठन के आत्ममंथन, भविष्य की दिशा और सामाजिक समरसता के संकल्प को मजबूती देने वाला है। मुजफ्फरपुर में होने वाला यह आयोजन यह भी दर्शाता है कि संघ केवल महानगरों तक सीमित नहीं, बल्कि देश के हर कोने में राष्ट्रनिर्माण की चेतना को जीवित रखे हुए है।
कुल मिलाकर, गणतंत्र दिवस पर मुजफ्फरपुर में सरसंघचालक की उपस्थिति न केवल संघ के लिए, बल्कि सामाजिक-सांस्कृतिक दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है। यह कार्यक्रम राष्ट्रध्वज, संविधान और नागरिक कर्तव्यों के प्रति सम्मान के साथ-साथ उस विचारधारा को भी रेखांकित करेगा, जो समाज को जोड़ने, राष्ट्र को सशक्त करने और भविष्य की पीढ़ियों को संस्कार देने का सतत प्रयास करती रही है।
