नई दिल्ली, 20. मार्च. 2026 | भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries) ने देश में Sintered Rare Earth Permanent Magnet (REPM) के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय ने 6,000 Metric Ton Per Year (MTPA) क्षमता वाले integrated manufacturing plants स्थापित करने के लिए global tender (RFP) जारी किया है। इस योजना के तहत इच्छुक कंपनियां भारत में आधुनिक magnet manufacturing units स्थापित करने के लिए आवेदन कर सकती हैं और सरकार द्वारा दी जाने वाली capital subsidy और sales-linked incentives का लाभ उठा सकती हैं।
यह पूरी tender process पूरी तरह से online mode में Central Public Procurement (CPP) Portal के माध्यम से आयोजित की जाएगी। इसमें two-stage system होगा पहले technical bid और फिर financial bid। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इसे Least Cost System (LCS) के तहत संचालित किया जाएगा, जिससे सही और योग्य कंपनियों का चयन हो सके।
सरकार ने बताया कि tender documents 20 मार्च 2026 से उपलब्ध हैं, जबकि pre-bid meeting 7 अप्रैल 2026 को होगी। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 28 मई 2026 तय की गई है और technical bids को 29 मई 2026 को खोला जाएगा।
इस योजना को पहले ही 26 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी, जिसमें कुल 7,280 करोड़ रुपये का budget निर्धारित किया गया है। इस योजना के तहत कंपनियों को 600 से 1,200 MTPA तक की capacity allot की जाएगी। साथ ही सरकार 750 करोड़ रुपये की capital subsidy और 6,450 करोड़ रुपये तक के incentives भी देगी।
खास बात यह है कि चुनी गई top bidders को IREL (India) Limited से जरूरी raw material यानी NdPr oxide की limited supply भी दी जाएगी, जिससे production process आसान हो सके।
Rare Earth Permanent Magnets दुनिया के सबसे powerful magnets माने जाते हैं और इनका उपयोग Electric Vehicles (EVs), wind turbines, electronics, aerospace और defence sector में बड़े स्तर पर होता है। इस योजना के जरिए भारत NdPr oxide से लेकर final magnet तक पूरी value chain देश में ही विकसित करना चाहता है, जिससे import पर निर्भरता कम होगी और भारत global market में अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।
यह पहल न सिर्फ Make in India और Atmanirbhar Bharat को मजबूती देगी, बल्कि भारत को advanced technology manufacturing में भी आगे ले जाने का काम करेगी।
