नई दिल्ली | 29 जनवरी — भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को और अधिक सशक्त बनाते हुए वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने आज नए आधार ऐप को राष्ट्र को समर्पित किया। यह अगली पीढ़ी का मोबाइल एप्लिकेशन पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को पूरी तरह जन-केंद्रित बनाता है, जिसमें सुरक्षा, गोपनीयता और उपयोगकर्ता की सहमति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

पहचान सत्यापन में नई परिभाषा: नागरिक सर्वोपरि
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यूआईडीएआई द्वारा विकसित यह नया आधार ऐप आधार संख्या धारकों को अपनी डिजिटल पहचान को सुरक्षित रूप से अपने साथ रखने, दिखाने, साझा करने और सत्यापित करने की सुविधा देता है। यह ऐप कागज़-रहित, संपर्क-रहित और भरोसेमंद पहचान सत्यापन को बढ़ावा देता है, जिससे सरकारी और निजी सेवाओं तक पहुंच अधिक सरल और तेज़ हो जाती है।
डिजिटल गवर्नेंस का मजबूत स्तंभ बना आधार
नए ऐप के अनावरण के बाद श्री जितिन प्रसाद ने कहा कि आधार भारत के डिजिटल गवर्नेंस का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यूआईडीएआई लगातार नवाचार के माध्यम से सेवा वितरण को आसान बना रहा है और नया आधार ऐप इस प्रक्रिया को नई गति देगा। यह ऐप न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाएगा, बल्कि नागरिकों के अनुभव को भी बेहतर बनाएगा।
डेटा न्यूनतम उपयोग और अधिकतम सुरक्षा
कार्यक्रम के दौरान मंत्रालय के सचिव एस. कृष्ण ने बताया कि नया आधार ऐप “डेटा मिनिमाइजेशन” के सिद्धांत पर आधारित है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता केवल वही जानकारी साझा करेंगे, जो किसी विशेष सेवा के लिए अनिवार्य हो। इससे व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा मजबूत होगी और नागरिकों का अपनी जानकारी पर नियंत्रण बढ़ेगा।
रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बहुउपयोगी आधार ऐप
नया आधार ऐप कई वास्तविक जीवन के उपयोगों को सरल बनाता है। ऑफलाइन वेरिफिकेशन सीकिंग एंटिटी (OVSE) के क्यूआर कोड स्कैन के ज़रिए होटल चेक-इन, सिनेमा टिकट बुकिंग के लिए आयु सत्यापन, अस्पतालों में आगंतुकों और परिचारकों का प्रवेश, गिग वर्कर्स व सेवा भागीदारों का सत्यापन जैसे कार्य अब आसानी से हो सकेंगे। वैकल्पिक चेहरे के सत्यापन की सुविधा ऐप को और अधिक आधुनिक और सुरक्षित बनाती है।
आधुनिक फीचर्स से लैस, “एक परिवार एक ऐप” की अवधारणा
इस ऐप में चेहरे की पुष्टि द्वारा उपस्थिति प्रमाण, एक क्लिक में बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक, प्रमाणीकरण इतिहास देखने की सुविधा और क्यूआर-कोड आधारित कॉन्टैक्ट कार्ड जैसे उन्नत फीचर्स शामिल हैं। एक ही डिवाइस पर अधिकतम पाँच आधार प्रोफाइल प्रबंधित करने की सुविधा “एक परिवार – एक ऐप” की अवधारणा को साकार करती है। इसके अलावा, निवासी अब ऐप के माध्यम से पता अपडेट करने के साथ-साथ अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर भी बदल सकते हैं।
गोपनीयता के साथ पहचान साझा करने की सुविधा
यूआईडीएआई के अध्यक्ष नीलकंठ मिश्रा ने इसे कागज़ से कागज़-रहित प्रणाली की ओर एक बड़ा कदम बताया। वहीं सीईओ भुवनेश कुमार ने कहा कि ऐप की सबसे अहम विशेषता चुनिंदा पहचान जानकारी का सुरक्षित साझा किया जाना है। अनुरोध करने वाली संस्थाओं द्वारा बनाए गए अनुकूलित क्यूआर कोड के माध्यम से केवल डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित और सत्यापन योग्य पहचान विवरण ही साझा होंगे। इससे आधार नंबर का संग्रहण नहीं होगा और डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (DPDP Act) के अनुरूप डेटा सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
डिजिटल इंडिया की सोच को नई मजबूती
नए आधार ऐप के लॉन्च के साथ भारत ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि उसकी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का मूल सिद्धांत जनता का विश्वास, समावेशन और सशक्तिकरण है। यह ऐप डिजिटल इंडिया की उस परिकल्पना को मजबूत करता है, जहां तकनीक केवल सुविधा नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन को सरल और सुरक्षित बनाने का माध्यम बनती है।
