राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों का सम्मेलन गुवाहाटी में 8th Jan से आरंभ होगा
गुवाहाटी में जुटेंगे देश के वस्त्र मंत्री, भारत के टेक्सटाइल भविष्य की बनेगी साझा रणनीति
गुवाहाटी, 07 jan 2026। वस्त्र मंत्रालय द्वारा असम सरकार के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों का सम्मेलन 2026 , 8 जनवरी से असम की राजधानी गुवाहाटी में आरंभ होने जा रहा है। दो दिवसीय इस अहम सम्मेलन की थीम “भारत का वस्त्र उद्योग: विकास, विरासत और नवाचार का संगम” रखी गई है, जो देश के वस्त्र क्षेत्र की आर्थिक क्षमता के साथ उसकी सांस्कृतिक पहचान को भी रेखांकित करती है।
इस सम्मेलन में देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वस्त्र मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और नीति-निर्माता भाग लेंगे। उद्देश्य है वस्त्र क्षेत्र से जुड़ी नीतियों, निवेश संभावनाओं, स्थिरता, निर्यात विस्तार, अवसंरचना विकास और प्रौद्योगिकीय उन्नति पर व्यापक विचार-विमर्श के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराना। यह सम्मेलन भारत को वर्ष 2030 तक वैश्विक वस्त्र विनिर्माण हब के रूप में स्थापित करने के सरकार के दीर्घकालिक विज़न से भी जुड़ा हुआ है।
8 जनवरी 2026 को होने वाले उद्घाटन सत्र में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन के अवसर पर भारत के वस्त्र उद्योग की ताकत, नवाचार और समृद्ध विरासत को दर्शाने वाली एक विशेष प्रदर्शनी और पवेलियन का भी शुभारंभ किया जाएगा।
सम्मेलन के दौरान अवसंरचना एवं निवेश, वस्त्र निर्यात का विस्तार, कच्चा माल और रेशे, टेक्निकल टेक्सटाइल, न्यू-एज फाइबर, तथा हथकरघा और हस्तशिल्प के संरक्षण व संवर्धन जैसे प्रमुख विषयों पर केंद्रित सत्र आयोजित होंगे। पीएम मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (पीएम मित्रा) पार्क, पर्यावरण अनुपालन, स्थिरता, नवाचार और एकीकृत मूल्य-श्रृंखला विकास जैसी सरकारी पहलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस सम्मेलन से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सर्वोत्तम कार्य-प्रणालियों, नीतिगत सुझावों और जमीनी चुनौतियों को साझा करने का अवसर मिलेगा, जिससे देश के विभिन्न क्षेत्रों और जिलों में वस्त्र मूल्य-श्रृंखला को सुदृढ़ किया जा सकेगा। रोजगार सृजन, निर्यात वृद्धि और समावेशी विकास सम्मेलन के मुख्य केंद्र बिंदु रहेंगे, जो “विकास भी, विरासत भी” के मंत्र के अनुरूप हैं।
सम्मेलन के साथ ही 8 जनवरी को उत्तर-पूर्वी भारत के वस्त्र क्षेत्र को सशक्त बनाने पर केंद्रित एक विशेष सत्र भी आयोजित किया जाएगा। इसमें उत्तर-पूर्वी राज्यों के वस्त्र मंत्री, सांसद और केंद्र व राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। इस सत्र में एरी, मूगा और शहतूत रेशम, हथकरघा, हस्तशिल्प और बांस आधारित वस्त्रों की संभावनाओं, महिला-केंद्रित उद्यमों, ब्रांडिंग और बाजार पहुंच पर विशेष जोर दिया जाएगा।
राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के इस सम्मेलन से केंद्र–राज्य सहयोग को नई मजबूती मिलने और भारत के लिए एक प्रतिस्पर्धी, टिकाऊ और समावेशी वस्त्र सेक्टर की स्पष्ट रूपरेखा तय होने की उम्मीद की जा रही है।
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Chandan Kumar jha
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