भारत और नीदरलैंड्स ने द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए संयुक्त व्यापार और निवेश समिति की स्थापना की
भारत–नीदरलैंड्स आर्थिक रिश्तों को नई गति: संयुक्त व्यापार और निवेश समिति (JTIC) की स्थापना
नई दिल्ली, 21 दिसंबर 2025 | भारत और नीदरलैंड्स ने द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए भारत–नीदरलैंड्स संयुक्त व्यापार और निवेश समिति (JTIC) की स्थापना की घोषणा की है। इस संबंध में दोनों देशों के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसे भारत–नीदरलैंड्स आर्थिक साझेदारी के लिए एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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विदेश मंत्रियों की बैठक में हुआ समझौते का औपचारिक ऐलान
यह घोषणा नीदरलैंड्स के विदेश मंत्री डेविड वान वील की भारत यात्रा के दौरान, केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक के अवसर पर की गई। इस समझौता ज्ञापन पर भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और नीदरलैंड्स के विदेश मंत्रालय के बीच हस्ताक्षर किए गए।
JTIC: व्यापार और निवेश संवाद का संस्थागत मंच
समझौता ज्ञापन के तहत गठित JTIC, भारत और नीदरलैंड्स के बीच व्यापार और निवेश से जुड़े मुद्दों पर नियमित संवाद एवं सहयोग के लिए एक औपचारिक संस्थागत ढांचा प्रदान करेगा। यह समिति द्विपक्षीय व्यापार संबंधों की समीक्षा करने, निवेश को बढ़ावा देने, व्यापार एवं निवेश से जुड़ी बाधाओं की पहचान कर उन्हें दूर करने तथा पारस्परिक हित के नए क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को तलाशने का कार्य करेगी।

वार्षिक बैठक और सह-अध्यक्षता की स्पष्ट व्यवस्था
MoU के अनुसार, JTIC की बैठक हर वर्ष बारी-बारी से भारत और नीदरलैंड्स में आयोजित की जाएगी, जिससे निरंतर संवाद और संस्थागत निरंतरता सुनिश्चित होगी। समिति की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव और नीदरलैंड्स के विदेश मंत्रालय के महानिदेशक (विदेशी आर्थिक संबंध) करेंगे। इसमें दोनों देशों के सरकारी अधिकारियों के साथ-साथ नामित अन्य प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
MSME, तकनीक और चैंबर्स के बीच सहयोग पर विशेष जोर
JTIC के प्रमुख उद्देश्यों में व्यापार और निवेश से जुड़ी बाधाओं को दूर करना, सहयोग के प्राथमिक क्षेत्रों की पहचान करना और दोनों देशों के वाणिज्य एवं उद्योग चैंबर्स के बीच समन्वय को बढ़ावा देना शामिल है। विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के क्षेत्र में सहयोग, निजी क्षेत्र और सरकारों के बीच परामर्श, तकनीकी जानकारी के आदान-प्रदान और नवाचार के हस्तांतरण पर विशेष बल दिया जाएगा।
सतत, समावेशी विकास की साझा प्रतिबद्धता
इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भारत और नीदरलैंड्स की आर्थिक साझेदारी को और गहराई देने, अनुकूल एवं विविध आपूर्ति शृंखलाओं को प्रोत्साहित करने तथा सतत और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। यह पहल भारत–नीदरलैंड्स संबंधों के रणनीतिक आयाम को मजबूत करते हुए द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को भी नई दिशा देती है।
पारस्परिक लाभकारी परिणामों की उम्मीद
दोनों पक्षों ने विश्वास व्यक्त किया है कि JTIC के माध्यम से व्यापार और निवेश के क्षेत्र में ठोस, पारस्परिक रूप से लाभकारी परिणाम सामने आएंगे और भारत–नीदरलैंड्स आर्थिक संबंध आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होंगे।
