नई दिल्ली/अयोध्या। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की 19 और 20 जुलाई को नई दिल्ली में प्रस्तावित प्रबंध समिति की बैठक में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी चंपत राय के शामिल नहीं होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि वे इस बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे।
चंपत राय से जुड़े करीबी लोगों के अनुसार, जब तक संबंधित मामले में गठित एसआईटी (SIT) अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर देती, तब तक वे अयोध्या में ही रहेंगे। हालांकि, इस संबंध में अभी तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इधर, सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि चंपत राय के इस्तीफे को लेकर पहले दिल्ली में केवल महासचिव पद से इस्तीफा देने पर विचार हुआ था, जबकि ट्रस्टी पद पर बने रहने की बात कही गई थी। लेकिन बाद में पुणे में हुई बैठकों के दौरान इस निर्णय में बदलाव होने की चर्चा सामने आई।
सूत्रों का यह भी दावा है कि इस बदलाव के पीछे कथित रूप से “मुंबई 5” नामक एक प्रभावशाली समूह का दबाव बताया जा रहा है। हालांकि, इस समूह में किन लोगों को शामिल माना जा रहा है, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है और न ही इस संबंध में किसी जिम्मेदार पदाधिकारी ने सार्वजनिक रूप से पुष्टि की है।
फिलहाल, विश्व हिंदू परिषद की आगामी प्रबंध समिति की बैठक और एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि इन घटनाक्रमों के बाद संगठन की आगे की रणनीति और नेतृत्व से जुड़े विषयों पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।
