नई दिल्ली, 24.JAN.2026 | भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में भारत निर्वाचन आयोग 25 January नई दिल्ली में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस (एनवीडी-2026) मनाने जा रहा है। इस वर्ष का विषय “मेरा भारत, मेरा वोट” रखा गया है, जबकि नारा है “भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक”, जो लोकतंत्र में मतदाता की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करता है।
नई दिल्ली में आयोजित इस राष्ट्रीय समारोह की अध्यक्षता और मुख्य अतिथि के रूप में द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में अर्जुन राम मेघवाल मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम का नेतृत्व ज्ञानेश कुमार के साथ निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी करेंगे।
परंपरा के अनुरूप, माननीय राष्ट्रपति राष्ट्र को संबोधित करेंगी और नव-पंजीकृत युवा मतदाताओं को मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) प्रदान करेंगी। इसके साथ ही चुनाव प्रबंधन, तकनीकी नवाचार, मतदाता जागरूकता, आदर्श आचार संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण जैसी श्रेणियों में उत्कृष्ट चुनावी प्रक्रियाओं के लिए पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। मीडिया और विशेष श्रेणियों के लिए भी सम्मान दिए जाने की परंपरा इस वर्ष भी निभाई जाएगी।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस-2026 के अवसर पर दो महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन भी होगा ‘2025: पहल और नवाचारों का वर्ष’ तथा ‘चुनाव का पर्व, बिहार का गर्व’। दूसरा प्रकाशन बिहार में आम चुनावों के सफल और सुव्यवस्थित संचालन पर केंद्रित है। इसके अतिरिक्त, चुनाव प्रबंधन और लोकतांत्रिक विकास में निर्वाचन आयोग के वैश्विक नेतृत्व को दर्शाने वाला एक विशेष वीडियो भी प्रदर्शित किया जाएगा।
समारोह के दौरान एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया है, जिसमें मतदाता सूची तैयार करने से लेकर चुनाव संचालन तक की पूरी प्रक्रिया को दर्शाया जाएगा। इसमें मतदाताओं के हित में हाल के वर्षों में शुरू की गई पहलों और वर्ष 2025 में बिहार विधानसभा चुनावों के सफल आयोजन पर विशेष प्रकाश डाला जाएगा।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन केवल नई दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। यह समारोह देशभर में राज्य और जिला स्तर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) और जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) के माध्यम से एक साथ आयोजित किए जाएंगे। बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) अपने-अपने मतदान केंद्रों पर नव-पंजीकृत मतदाताओं का स्वागत करेंगे और उन्हें ईपीआईसी सौंपेंगे। यह व्यापक आयोजन लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत करने तथा नागरिकों में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में देखा जा रहा है।
