नई दिल्ली/जयपुर , 19 दिसंबर 2025 — राजस्थान के वरिष्ठ राज्यसभा सांसद श्री मदन राठौड़ ने पर्यटन के लिए प्रचारात्मक उपायों से जुड़े अहम मुद्दे को संसद के पटल पर उठाते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर विस्तार से जानकारी मांगी। उन्होंने जानना चाहा कि भारतीय मिशनों में तैनात पर्यटन अधिकारियों, ‘अतुल्य भारत’ ब्रांड और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के माध्यम से विदेशी बाजारों में भारत को किस तरह एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा रहा है, साथ ही घरेलू पर्यटन को सशक्त बनाने के लिए सरकार कौन-कौन से ठोस प्रयास कर रही है।
इस पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सदन को अवगत कराया कि पर्यटन मंत्रालय देश और विदेश, दोनों स्तरों पर भारत की पर्यटन क्षमता को मजबूत करने के लिए बहुआयामी रणनीति पर काम कर रहा है। भारतीय मिशनों के सहयोग से वैश्विक यात्रा और व्यापार मेलों में भागीदारी की जा रही है, वहीं विदेशी टूर ऑपरेटरों, मीडिया प्रतिनिधियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए परिचयात्मक दौरों का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही विदेशों में भारतीय खाद्य महोत्सव, उद्योग हितधारकों के साथ व्यापारिक कार्यक्रम और डिजिटल माध्यमों से पर्यटन स्थलों व सांस्कृतिक आयोजनों का व्यापक प्रचार किया जा रहा है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि घरेलू पर्यटन को मजबूती देने के लिए ‘देखो अपना देश’, ‘भारत पर्व’ और ‘सर्वोत्तम पर्यटन ग्राम’ जैसी योजनाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। ‘देखो अपना देश’ पहल के माध्यम से देश की समृद्ध विरासत और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ घरेलू यात्राओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत कम-ज्ञात पर्यटन स्थलों को लोकप्रिय बनाने के लिए वेबिनार, प्रश्नोत्तरी और विभिन्न ऑनलाइन व ऑफलाइन गतिविधियों का आयोजन किया गया है।
उन्होंने आगे बताया कि ‘भारत पर्व’ गणतंत्र दिवस समारोह का एक प्रमुख वार्षिक आयोजन है, जिसमें भारत की सांस्कृतिक, कलात्मक, पाक-कला और आध्यात्मिक विविधता को प्रदर्शित किया जाता है। वहीं ‘सर्वोत्तम पर्यटन ग्राम’ प्रतियोगिता के जरिए ऐसे गांवों को सम्मानित किया गया है, जो सांस्कृतिक और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, सामुदायिक मूल्यों और सतत विकास के आधार पर आदर्श पर्यटन गंतव्य के रूप में उभरे हैं। वर्ष 2023 और 2024 में इस पहल के तहत 71 गांवों को यह सम्मान मिला है।
वैश्विक मंच पर भारत को विवाह और एमआईसीई पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए ‘मीट इन इंडिया’ और ‘वेड इन इंडिया’ अभियानों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्ष 2021 में ‘मीट इन इंडिया’ उप-ब्रांड की शुरुआत हुई, जबकि 2023 में ‘इंडिया सेज़ आई डू’ अभियान लॉन्च किया गया। इसके माध्यम से भारत के महलों, ऐतिहासिक किलों, समुद्र तटों, पर्वतीय क्षेत्रों और नदी तटों जैसे विविध और आकर्षक विवाह स्थलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जा रहा है। वर्ष 2024 और 2025 में जयपुर में आयोजित ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार के दौरान ‘वेड इन इंडिया’ एक्सपो और ‘मीट इन इंडिया’ कॉन्क्लेव का आयोजन भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा।
हालांकि पर्यटन मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इन प्रचारात्मक उपायों के पर्यटकों के आगमन, पर्यटन व्यय और गंतव्य दृश्यता पर पड़े प्रभाव का अब तक कोई पृथक औपचारिक आकलन नहीं किया गया है, लेकिन सरकार के निरंतर प्रयास भारत को एक सशक्त, विविध और वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रभावी और सार्थक माने जा रहे हैं।
