नई दिल्ली, 05 फरवरी 2026। देश में प्रस्तावित वर्ष 2027 की जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण घोषणा की है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि सरकार ने 2027 में जनगणना आयोजित कराने की योजना अधिसूचित कर दी है। उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना के दूसरे चरण में जाति आधारित जनगणना भी कराई जाएगी, जिसके तहत नागरिकों की सामाजिक संरचना से संबंधित विस्तृत आँकड़े संकलित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि भारत में जनगणना दो चरणों में संपन्न होती है। पहले चरण को गृह सूचीकरण अभियान (House Listing Operation- HLO) कहा जाता है। इस दौरान प्रत्येक परिवार की आवासीय स्थिति, संपत्ति, पेयजल, शौचालय, विद्युत, संचार साधन तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाती है। यह चरण देश के जीवन स्तर और आधारभूत ढाँचे के आकलन में अहम भूमिका निभाता है।
जनगणना के दूसरे चरण में देश की जनसंख्या गणना की जाती है। इसमें प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक तथा अन्य विवरण संकलित किए जाते हैं। इसी चरण में जाति से संबंधित प्रश्न भी शामिल किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि जातिवार आँकड़े नीति निर्माण, कल्याणकारी योजनाओं के लक्षित क्रियान्वयन तथा सामाजिक न्याय से जुड़े निर्णयों में उपयोगी सिद्ध होंगे।
केंद्र सरकार ने 22 जनवरी 2026 को जनगणना के प्रथम चरण से जुड़े प्रश्नों को अधिसूचित कर दिया है। वहीं जाति संबंधी प्रश्नों सहित दूसरे चरण की प्रश्नावली को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसे दूसरे चरण की शुरुआत से पूर्व अधिसूचित किया जाएगा।
गृह राज्य मंत्री ने यह भी बताया कि जातिवार जनगणना को लेकर तमिलनाडु सहित कई राज्यों के संगठनों और प्रतिनिधिमंडलों की ओर से अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं। सरकार इन सभी सुझावों पर विचार करते हुए विधिवत प्रक्रिया के अनुरूप प्रश्नों को अंतिम रूप देगी।
इस प्रकार 2027 की जनगणना केवल जनसंख्या का आँकड़ा ही प्रस्तुत नहीं करेगी, बल्कि सामाजिक-आर्थिक और जातीय संरचना का व्यापक डाटाबेस तैयार कर नीति निर्धारण के लिए महत्वपूर्ण आधार भी उपलब्ध कराएगी।
