गोविंद डोटासरा को रानू पाराशर की दो-टूक
जयपुर,04.Feb.2026। राजस्थान विधानसभा में अडानी समूह को लेकर चल रही बयानबाज़ी के बीच भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर करारा प्रहार किया है। भाजपा की राजस्थान प्रदेश प्रवक्ता रानू पाराशर ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा के हालिया बयानों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक नाकामियों से जनता का ध्यान भटकाने की असफल कोशिश कर रही है, जबकि सच्चाई रिकॉर्ड में दर्ज है।

रानू पाराशर ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी और हजारों बीघा ज़मीन अडानी समूह को दी जा रही थी, तब कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी सवालों के घेरे में थी। उन्होंने कहा, “जनता का ध्यान भटकाना बंद करें, डोटासरा जी। सत्ता में रहते हुए जब बड़े फैसले लिए जा रहे थे, तब न सदन में आवाज़ उठी और न ही जनता के सामने कोई जवाबदेही दिखाई गई। आज विधानसभा में शोर मचाना केवल अपनी विफलताओं को ढकने का प्रयास है।”
भाजपा प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस शासनकाल में अडानी समूह को बड़े पैमाने पर ज़मीन आवंटन और परियोजनाओं की मंज़ूरी दी गई, लेकिन उस समय कांग्रेस के किसी भी वरिष्ठ नेता ने न तो नीतिगत पारदर्शिता पर सवाल उठाए और न ही सार्वजनिक आपत्ति दर्ज कराई। उनका आरोप है कि विपक्ष में बैठकर नैतिकता की बातें करना कांग्रेस के दोहरे चरित्र को उजागर करता है सत्ता में मौन और विपक्ष में शोर।
रानू पाराशर ने यह भी कहा कि राजस्थान की जनता अब पूरी तरह जागरूक है और वह भली-भांति समझती है कि कौन सत्ता में रहते हुए कॉरपोरेट फैसलों पर चुप रहा और कौन आज राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को उछाल रहा है। उन्होंने दोहराया कि बार-बार मुद्दे बदलकर या बयानबाज़ी के जरिए सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता, क्योंकि जनता सब देख रही है और जवाबदेही चाहती है।
कुल मिलाकर, भाजपा ने तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर कांग्रेस की राजनीति पर सवाल खड़े किए हैं, जबकि रानू पाराशर का सधा हुआ और स्पष्ट रुख भाजपा की पारदर्शिता व जवाबदेही की राजनीति को मजबूती देता दिख रहा है। वहीं, कांग्रेस की आक्रामक बयानबाज़ी उसके अपने शासनकाल के फैसलों से बचने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है, जिससे प्रदेश की राजनीति में यह मुद्दा और तेज़ होने के संकेत दे रहा है।
